भाजपा की संवाददाता सम्मेलन की श्रृंखला
मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने नई दिल्ली मुख्यालय में चार संवाददाता सम्मेलन आयोजित किए। ये सम्मेलन क्रमशः सुबह 10:07 बजे, दोपहर 1:21 बजे, शाम 4:07 बजे और रात 9:44 बजे आयोजित किए गए। इन प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और किरेन रिजिजू ने भी अपने बयानों के माध्यम से राहुल गांधी की नीयत और उनके द्वारा उठाए गए सवालों पर सरकार का पक्ष रखा।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च निकालने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने रोक दिया। इस पर राहुल और प्रियंका गांधी समेत अन्य नेताओं ने आकाशवाणी परिसर में धरना दिया, जहां उन्हें लगभग 9 घंटे बाद हिरासत में लिया गया। राहुल ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'मेरे भारत के साथ जो किया गया, वो देशद्रोह है।'
संबित पात्रा का बयान
भाजपा के पहले संवाददाता सम्मेलन में संबित पात्रा ने विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा कि कुछ विपक्षी दल, विशेषकर कांग्रेस, सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहे हैं और इसके लिए लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य राहुल गांधी को पुनः स्थापित करना है, चाहे इसके लिए अराजकता का सहारा लेना पड़े।
पात्रा ने कहा, 'कांग्रेस की बार-बार कोशिश रही है कि कैसे भी राहुल को लॉन्च किया जाए।' उनका यह भी कहना था कि जब राहुल सफल नहीं हो पाए, तो कांग्रेस ने यह तय किया कि अराजकता के माध्यम से राहुल को जनता के सामने लाना आवश्यक है।
सुधांशु त्रिवेदी की टिप्पणी
दूसरे संवाददाता सम्मेलन में भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जो लोग सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर भी लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, वही राहुल गांधी के आलोचक हैं। उन्होंने राहुल गांधी को कामचोर बताते हुए कहा, 'ये (राहुल गांधी) वास्तव में अपने आरोपों के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।'
त्रिवेदी ने यह भी कहा कि विपक्ष की ओर से लगाए गए वोट चोरी के आरोप निराधार हैं और यह केवल ध्यान भटकाने का प्रयास है।
प्रदीप भंडारी और रात का सम्मेलन
भाजपा के तीसरे संवाददाता सम्मेलन में प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी को 'झूठ की दुकान' चलाने वाला करार दिया। उन्होंने कहा कि राहुल ने फर्जी वीडियो के माध्यम से झूठा माहौल बनाने का प्रयास किया है, जिसे दिल्ली पुलिस ने उजागर कर दिया। भंडारी ने राहुल से स्पष्टीकरण की मांग करते हुए कहा कि वह देश में झूठ और अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
रात के चौथे सम्मेलन में सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल को 'झूठों का सरताज' बताते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कांग्रेस या किसी भी विपक्षी दल की ओर से मुलाकात का कोई आग्रह नहीं मिला है। त्रिवेदी ने यह भी कहा कि राहुल का उद्देश्य चुनाव आयोग से मिलने का नहीं, बल्कि केवल ड्रामा करना था।





