राहुल बोले- पूरे SC-ST का अपमान
कांग्रेस नेताओं ने एक वीडियो साझा किया जिसमें असम CM सरमा मल्लिकार्जुन खरगे के लिए ‘पागल’ शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस वीडियो को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह भाषा पूरी तरह निंदनीय, शर्मनाक और अस्वीकार्य है। उन्होंने बताया कि खरगे देश के वरिष्ठ और लोकप्रिय दलित नेता हैं, जिनका अनुभव और प्रतिष्ठा अतुलनीय है।
दलित नेताओं और समाज का अपमान
राहुल गांधी ने कहा कि असम के सीएम का अपमान केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि पूरे एससी-एसटी समाज के खिलाफ चल रही पुरानी मानसिकता का हिस्सा है।बीजेपी-आरएसएस की पुरानी और सुनियोजित मानसिकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बाबासाहेब आंबेडकर का अपमान, दलित नेताओं को नीचा दिखाना या एससी-एसटी समाज के प्रतिनिधियों पर व्यक्तिगत हमले, हमेशा इनके इतिहास का हिस्सा रहे हैं। राहुल के अनुसार, जब-जब कोई दलित नेता सच बोलता है, तब-तब इसका विरोध किया जाता है।
प्रधानमंत्री से सीधे सवाल
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सीधा सवाल किया कि क्या वह हिमंत बिस्वा सरमा की इस भाषा का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की चुप्पी केवल मजबूरी नहीं, बल्कि सहमति का संकेत है। राहुल ने चेतावनी दी कि अगर देश के करोड़ों दलितों के सम्मान पर हमले होते देख प्रधानमंत्री मौन रहेंगे, तो वे अपनी जिम्मेदारी से भागने के साथ-साथ उस अपमान के हिस्सेदार भी बनेंगे।
BJP-RSS की आलोचना
राहुल गांधी ने बीजेपी-आरएसएस की आलोचना करते हुए कहा कि यही उनकी असली विचारधारा और चरित्र है। उनका कहना था कि दलितों और एससी-एसटी समाज के नेताओं का अपमान इनके राजनीतिक नजरिए का हिस्सा है। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारे में फिर से सियासी बहस तेज हो गई है।
Read This Also:- राजनाथ सिंह की चेतावनी: बंगाल पर नजर डाली तो होंगे टुकड़े
Read This Also:- राजनाथ सिंह की चेतावनी: बंगाल पर नजर डाली तो होंगे टुकड़े





