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असदुद्दीन ओवैसी का दावा: भारत में मुसलमानों को न्याय मिले

भुज में जनसभा में ओवैसी ने मुसलमानों को न्याय देने पर जोर दिया और कहा कि बिना इसके भारत विश्वगुरु नहीं बन सकता, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा जरूरी।

असदुद्दीन ओवैसी का दावा: भारत में मुसलमानों को न्याय मिले
फोटो: Owaisi Muslim justice, India Vishwaguru debate
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को भुज में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक भारत में मुसलमानों को न्याय और समानता नहीं मिलती, तब तक देश विश्वगुरु नहीं बन सकता। उन्होंने यह भी कहा कि देश के अल्पसंख्यकों के अधिकार सुनिश्चित किए बिना भारत की वैश्विक महाशक्ति बनने की परिकल्पना अधूरी रहेगी।

ओवैसी ने अपने भाषण में यह संदेश भी दिया कि मुसलमानों को न्याय और उनके मूल अधिकार दिलाने के बिना भारत की प्रतिष्ठा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत नहीं हो सकती। उन्होंने समुदाय के भीतर राजनीतिक नेतृत्व को मजबूत करने की भी अपील की।

मुसलमानों को न्याय

भुज में आयोजित सभा में ओवैसी ने मतदाताओं से स्थानीय निकाय चुनावों में AIMIM के उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील की। और राजनीतिक हिंदी समाचार में बताया कि भारत विश्वगुरु बहस में उनकी पार्टी का उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना और संविधान में जनता के विश्वास को बढ़ाना है। 

ओवैसी ने प्रतिद्वंद्वी दलों, विशेषकर भाजपा और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ मिलकर AIMIM के खिलाफ झूठ फैलाते हैं। उन्होंने मतदाताओं से चेतावनी दी कि वोट का इस्तेमाल सोच-समझकर करें और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में भाग लें।

UCC का विरोध  

अहमदाबाद में रविवार को आयोजित रैली में AIMIM प्रमुख ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह कानून सीधे तौर पर मुसलमानों की शरीयत को चुनौती देता है और उनकी परंपराओं के खिलाफ है। ओवैसी ने बताया कि गुजरात विधानसभा ने हाल ही में UCC बिल, 2026 पारित किया है, और उत्तराखंड के बाद यह दूसरा राज्य है जिसने इसे अपनाया। 

ओवैसी ने समुदाय से अपील की कि ऐसे किसी भी कानून को कानूनी रूप से चुनौती दी जाए, क्योंकि यह संविधान द्वारा तय अधिकारों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि विवाह, तलाक और विरासत जैसे मामलों में एक समान कानूनी ढांचा लागू करने का मतलब असल में मुसलमानों पर अन्य परंपराओं के आधार पर कानून थोपना है। 

ओवैसी ने कहा, 26 अप्रैल को वोट देने से पहले सभी सोचें और बीजेपी के खिलाफ वोट डालें।