ओवैसी ने अपने भाषण में यह संदेश भी दिया कि मुसलमानों को न्याय और उनके मूल अधिकार दिलाने के बिना भारत की प्रतिष्ठा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत नहीं हो सकती। उन्होंने समुदाय के भीतर राजनीतिक नेतृत्व को मजबूत करने की भी अपील की।
मुसलमानों को न्याय
भुज में आयोजित सभा में ओवैसी ने मतदाताओं से स्थानीय निकाय चुनावों में AIMIM के उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील की। और राजनीतिक हिंदी समाचार में बताया कि भारत विश्वगुरु बहस में उनकी पार्टी का उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना और संविधान में जनता के विश्वास को बढ़ाना है।
ओवैसी ने प्रतिद्वंद्वी दलों, विशेषकर भाजपा और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ मिलकर AIMIM के खिलाफ झूठ फैलाते हैं। उन्होंने मतदाताओं से चेतावनी दी कि वोट का इस्तेमाल सोच-समझकर करें और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने में भाग लें।
UCC का विरोध
अहमदाबाद में रविवार को आयोजित रैली में AIMIM प्रमुख ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह कानून सीधे तौर पर मुसलमानों की शरीयत को चुनौती देता है और उनकी परंपराओं के खिलाफ है। ओवैसी ने बताया कि गुजरात विधानसभा ने हाल ही में UCC बिल, 2026 पारित किया है, और उत्तराखंड के बाद यह दूसरा राज्य है जिसने इसे अपनाया।
ओवैसी ने समुदाय से अपील की कि ऐसे किसी भी कानून को कानूनी रूप से चुनौती दी जाए, क्योंकि यह संविधान द्वारा तय अधिकारों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि विवाह, तलाक और विरासत जैसे मामलों में एक समान कानूनी ढांचा लागू करने का मतलब असल में मुसलमानों पर अन्य परंपराओं के आधार पर कानून थोपना है।
ओवैसी ने कहा, 26 अप्रैल को वोट देने से पहले सभी सोचें और बीजेपी के खिलाफ वोट डालें।
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