इससे पहले, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने रक्षा मंत्री, आईडीएफ प्रमुख और मोसाद चीफ के साथ एक आपात बैठक की। इस बैठक में आकलन किया गया कि ईरान से उत्पन्न दोहरे खतरे—परमाणु हथियार और बैलिस्टिक क्षमताएं—पर प्रभावी नियंत्रण पा लिया गया है। इजरायल ने इस युद्धविराम के लिए अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप की मध्यस्थता और कूटनीतिक प्रयासों की सराहना की है।
इजरायली सरकार ने कहा कि यह समझौता पूर्ण अमेरिकी समन्वय के बाद संभव हो पाया। इजरायली प्रशासन ने दो टूक कहा कि यदि सीजफायर का किसी भी पक्ष द्वारा उल्लंघन किया गया, तो इजरायल उसका “बलपूर्वक और निर्णायक” जवाब देगा। साथ ही नागरिकों से होम फ्रंट कमांड द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करते रहने की अपील की गई है।
बयान के अंत में सरकार ने उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है, जिन्होंने इस संघर्ष में अपने प्रियजनों को खोया। घायल सैनिकों और नागरिकों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई। साथ ही, ऑपरेशन ‘राइजिंग लायन’ को एक ऐतिहासिक सैन्य उपलब्धि करार दिया गया, जिसने इजरायल की वैश्विक सैन्य प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंगलवार को राष्ट्र को संबोधित करेंगे, जिसमें वे युद्धविराम, सैन्य सफलता और आगे की रणनीति पर विस्तृत बयान देंगे।





