सोमवार सुबह इजरायल के कई शहरों में सायरन गूंजे। इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने ईरान की मिसाइल सुविधाओं और छह एयरबेसों पर हमला किया, जिनमें भूमिगत फोर्डो परमाणु संयंत्र भी शामिल है। हमलों में कई लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टरों के नष्ट होने की जानकारी दी गई है।
ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायली शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। उत्तरी तेहरान में जोरदार धमाकों की खबरें सामने आई हैं। इजरायल में लगभग 30 मिनट तक सायरन बजते रहे, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 13 जून से अब तक इजरायली हमलों में 400 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। वहीं, इजरायली अधिकारियों ने बताया कि ईरानी मिसाइल हमलों में 24 नागरिकों की मौत हुई है। तेहरान में रेड क्रिसेंट की इमारत पर भी ताजा हमले की खबर है। ईरानी सशस्त्र बलों ने अमेरिका को "गंभीर और अप्रत्याशित परिणामों" की चेतावनी दी है। एक शीर्ष सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका की कार्रवाई ने ईरान के वैध लक्ष्यों की सूची को विस्तारित कर दिया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों को "कूटनीति के साथ विश्वासघात" करार दिया और कहा कि जब तेहरान वार्ता की प्रक्रिया में लगा था, तब यह हमला हुआ। मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाकई ने कहा, “भविष्य की पीढ़ियां इस विश्वासघात को नहीं भूलेंगी।”
इस बढ़ते संघर्ष के बीच, चीन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से युद्ध के फैलाव को रोकने की अपील की। चीन ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में बताते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य(Strait of Hormuz) पर संभावित संकट की चेतावनी दी। इसके चलते सोमवार को तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई।
ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने ईरान से संयम बरतने की अपील की। वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक में चेतावनी दी कि "प्रतिशोध पर प्रतिशोध" का यह चक्र बेहद खतरनाक दिशा ले सकता है।





