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US Tariffs: ट्रंप के टैरिफ वार पर चीन का साथ! ग्लोबल टाइम्स ने भारत के रुख का किया समर्थन

US Tariffs: चीन के सरकारी मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित एक लेख में भारत का समर्थन करते हुए अमेरिका की विदेश नीति की तीखी आलोचना की गई है।

US Tariffs: ट्रंप के टैरिफ वार पर चीन का साथ! ग्लोबल टाइम्स ने भारत के रुख का किया समर्थन
फोटो: US Tariffs: ट्रंप के टैरिफ वार पर चीन का साथ! ग्लोबल टाइम्स ने भारत के रुख का किया समर्थन
भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ(US Tariffs) को लेकर बढ़ता तनाव अब वैश्विक प्रतिक्रिया को भी आमंत्रित कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भारतीय उत्पादों पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया था, लेकिन रूस से तेल खरीदने को लेकर नाराजगी जताते हुए उन्होंने इसमें 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ जोड़ने का ऐलान भी कर दिया। इस तरह अब कुल मिलाकर भारतीय वस्तुओं पर 50% शुल्क लगाया जा रहा है। इस घटनाक्रम पर चीनी मीडिया ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। चीन के सरकारी मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित एक लेख में भारत का समर्थन करते हुए अमेरिका की विदेश नीति की तीखी आलोचना की गई है। लेख का शीर्षक है, ‘अमेरिका के एकतरफा आधिपत्य की दीवार से टकराता भारत का रणनीतिक संतुलन’।

US Tariffs: भारत को दंड दिया जा रहा है


इस लेख में तर्क दिया गया है कि अमेरिका भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए नहीं, बल्कि अमेरिका की मर्जी के खिलाफ स्वतंत्र निर्णय लेने के लिए दंडित कर रहा है। इसमें कहा गया है कि वाशिंगटन भारत को केवल तब तक करीबी साझेदार मानता है, जब तक वह अमेरिकी हितों का पालन करता है। लेख में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की गई है, "भारत जैसे ही स्वतंत्र रुख अपनाता है, उसकी साझेदार के रूप में अमेरिका में उपयोगिता घट जाती है। अमेरिका ने शायद भारत को कभी एक समान साझेदार के रूप में नहीं देखा, बल्कि हमेशा एक ‘सुविधाजनक सहयोगी’ के तौर पर इस्तेमाल किया है।"

भारत का बहुपक्षीय कूटनीतिक दृष्टिकोण


ग्लोबल टाइम्स ने भारत की हालिया विदेश नीति के विविध आयामों की सराहना की है। लेख में कहा गया कि भारत ने बीते वर्षों में ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) जैसे बहुपक्षीय मंचों के ज़रिए रणनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश की है। वहीं अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ क्वाड (QUAD) जैसी सुरक्षा साझेदारियों को भी मजबूती दी है। लेख के अनुसार, भारत की यह रणनीति उसे अलग-अलग वैश्विक शक्तियों के साथ संतुलन बनाए रखने की सुविधा देती है।

ग्लोबल टाइम्स ने चेतावनी दी कि अमेरिका दुनिया में अपने वर्चस्व को बनाए रखने के लिए नए प्रकार की शीत युद्ध शैली की रणनीति अपना रहा है, जिससे वैश्विक राजनीति में "तटस्थता" को भी शक की निगाह से देखा जा रहा है। लेख में कहा गया, "अब ‘किसी एक पक्ष में न होना’ को ‘गलत पक्ष चुनना’ माना जा रहा है और तटस्थता को निष्ठाहीनता  कहा जा रहा है।"