महबूबा मुफ्ती का बयान
महबूबा मुफ्ती का बयान है कि इस अवसर पर पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका को भी सराहा। उनका कहना था कि पाकिस्तान ने संघर्ष को रोकने और दुनिया को बड़े संकट से बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में पाकिस्तान की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। महबूबा ने ईरान की रणनीति की भी प्रशंसा की, जहां उन्होंने कहा कि ईरान ने केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि अमेरिका और इजराइल ने नागरिक ढांचे जैसे स्कूल और अस्पतालों पर हमला किया।
युद्धविराम की उम्मीद
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ईरान अमेरिका युद्धविराम के बाद उन्हें उम्मीद है कि यह अस्थायी संघर्ष-विराम स्थायी शांति में बदल जाएगा और ईरान में भी स्थायीत्व कायम होगा, साथ ही उन्होंने कश्मीर राजनीतिक प्रतिक्रिया पर भी अपने विचार व्यक्त किए कि वैश्विक स्तर पर यह युद्धविराम एक सकारात्मक संकेत है और इससे क्षेत्रीय तनाव कम होने की संभावना है।
उमर अब्दुल्ला का सवाल
वहीं, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने युद्धविराम के नतीजों पर सवाल उठाया है। उन्होंने लगभग 40 दिन तक चले संघर्ष के बाद अमेरिका की वास्तविक उपलब्धियों पर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि युद्धविराम केवल रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होरमूज स्ट्रेट को फिर से खोलने की अनुमति देता है, जो पहले भी सभी के लिए खुला था।
दो सप्ताह का संघर्षविराम
बता दें कि अमेरिका और ईरान ने दो सप्ताह के लिए युद्धविराम पर सहमति जताई है। इस दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में मिलने की संभावना है। यह मार्च के बाद दोनों देशों के बीच पहला खुला राजनयिक संपर्क होगा। ईरान, अमेरिका और इजराइल ने बुधवार को अस्थायी संघर्षविराम की घोषणा की, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता में थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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