कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव
बैठक के दौरान दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने दिल्ली के नागरिकों से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने राजधानी में बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताई। खासतौर पर महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, जैसे बलात्कार, अपहरण और यौन शोषण की घटनाओं को उन्होंने भयावह बताते हुए इन पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की।
यादव ने यह भी कहा कि खुलेआम गोलीबारी, किडनैपिंग और नशे के बढ़ते कारोबार ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और पुलिस इन पर नियंत्रण पाने में प्रभावी साबित नहीं हो रही है, जिस पर दिल्ली LG तरणजीत सिंह संधू ने तुरंत कार्रवाई की आवश्यकता जताई।
सर्किल रेट बढ़ाने की मांग
कांग्रेस नेता ने किसानों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता दी। उन्होंने मांग रखी कि कृषि भूमि के सर्किल रेट को मौजूदा 55 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया जाए। उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन ही किसानों की आजीविका का मुख्य आधार है और अधिग्रहण के बाद उनके पास रोजगार के विकल्प सीमित हो जाते हैं। ऐसे में उचित मुआवजा देना बेहद जरूरी है।
प्रदूषण, जल संकट पर सवाल
यादव ने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण, जल संकट और यमुना नदी की सफाई न होने जैसे मुद्दों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नालों की सफाई, जलभराव, टूटी सड़कों और DTC बसों की कमी जैसी समस्याएं राजधानी की स्थिति को और खराब कर रही हैं। उनके अनुसार पिछले एक दशक में इन मुद्दों पर प्रभावी काम नहीं हुआ, जिससे दिल्ली की हालत बदतर होती गई।
झुग्गी बस्तियों पर कार्रवाई
बैठक में झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों को हटाने की कार्रवाई भी एक बड़ा मुद्दा रहा। यादव ने आरोप लगाया कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए गरीबों को उजाड़ा जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले जहां झुग्गी, वहीं मकान देने का वादा किया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसा नहीं हुआ।
अनाधिकृत कॉलोनियों पर चिंता
यादव ने अनाधिकृत कॉलोनियों, पुनर्वास कॉलोनियों और जे.जे. बस्तियों में रह रहे लोगों की खराब जीवन स्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में गंदगी और कचरे का अंबार है, जबकि ठोस कचरा प्रबंधन की कोई प्रभावी योजना नजर नहीं आती। साथ ही उन्होंने लैंडफिल साइट्स और सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की खराब स्थिति पर भी सवाल उठाए।
LG ने दिया आश्वासन
मुलाकात के अंत में उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने भरोसा दिलाया कि दिल्ली के नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी और जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
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