दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद बुधवार शाम को एग्जिट पोल के अनुमान आने शुरू हो गए थे, और अधिकांश एजेंसियों ने भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने के संकेत दिए हैं। 11 में से आठ एजेंसियों ने भाजपा के पक्ष में बहुमत का अनुमान जताया है, जबकि केवल दो एजेंसियों ने आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार बनने की संभावना जताई है। इसके अलावा, कांग्रेस को शून्य से तीन सीटों तक का अनुमान दिया गया है।
हालांकि, ये एग्जिट पोल्स असल चुनाव नतीजे नहीं हैं और मतगणना शनिवार को होगी। असली परिणाम तभी सामने आएंगे, जब यह पता चलेगा कि दिल्ली में अगली सरकार किसकी बनेगी।
इस चुनावी दौर में सबसे ज्यादा नुकसान सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) को हो रहा है, जो पिछले 10 वर्षों से दिल्ली में सत्ता में है। पार्टी ने एग्जिट पोल्स को खारिज कर दिया है और उनका कहना है कि असल परिणाम इन अनुमानों से काफी अलग होंगे। वहीं, भाजपा इन एग्जिट पोल्स को अपनी जीत की पूर्व संध्या के रूप में देख रही है और दावा कर रही है कि वे 8 फरवरी को सरकार बनाएंगे।
इस बार की चुनावी लड़ाई में मुफ्त की योजनाओं को लेकर होड़ देखने को मिली। आम आदमी पार्टी ने शिक्षा, स्वास्थ्य और पानी जैसी सेवाओं में मुफ्त सुविधाओं का वादा किया, वहीं भाजपा और कांग्रेस ने भी अपने-अपने वादों के साथ चुनावी मैदान में उतरीं। भाजपा ने अपनी योजनाओं में दिल्ली में बुनियादी ढांचे के सुधार, सुरक्षा और रोजगार को प्राथमिकता देने का वादा किया। कांग्रेस ने भी पुराने वादों को दोहराया और दिल्ली के विकास के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की।
अब देखना यह है कि एग्जिट पोल के अनुमानों के मुताबिक कौन सी पार्टी दिल्ली की सत्ता में काबिज होती है, और क्या सत्ताधारी आम आदमी पार्टी अपनी सरकार बनाए रख पाती है या भाजपा एक लंबे अरसे बाद सत्ता में वापसी करने में सफल होती है।





