जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए राजभर ने अवैध मदरसों पर चल रही कार्रवाई को जायज़ ठहराया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुशीनगर और प्रयागराज जैसे जिलों में मदरसों से नकली नोट और आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोग पकड़े गए हैं। ओमप्रकाश राजभर ने कहा, “मदरसे में अंग्रेज़ी, उर्दू, फारसी पढ़ाने से किसी ने नहीं रोका है। लेकिन जिन संस्थानों से आतंकी या अपराधी पकड़े जा रहे हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। अरशद मदनी को इसका जवाब देना चाहिए।"
राजभर ने सालार मसूद गाजी की याद में लगने वाले मेले पर प्रतिबंध का समर्थन करते हुए कहा कि गाजी एक आक्रमणकारी था, जिसे महाराजा सुहेलदेव ने पराजित किया था। उन्होंने घोषणा की कि 10 जून को ‘विजय दिवस’ मनाया जाएगा और इस आयोजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे।
गौरतलब है कि 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण देने के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट, मऊ ने अब्बास अंसारी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उन्हें दो साल की सजा और 3000 रुपये का जुर्माना सुनाया है। सजा सुनाने वाले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट केपी सिंह ने यह फैसला दिया।





