संजय निषाद ने उदाहरण के तौर पर अपने बेटे प्रवीण निषाद की हार का जिक्र करते हुए कहा कि विभीषणों ने ही उनकी जीत की राह में रोड़ा डाला था। उनके अनुसार, यही विभीषण बीजेपी के शीर्ष नेताओं जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्री अमित शाह तक गलत जानकारी पहुंचा रहे हैं, यह कहकर कि निषाद समुदाय बिना आरक्षण के बीजेपी को वोट दे देगा। संजय निषाद का आरोप था कि इसी गलतफहमी की वजह से लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 43 सीटों का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि यह वही लोग थे जिन्होंने लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराया था और उनके बेटे प्रवीण निषाद को भी हार का सामना कराया।
संजय निषाद ने बीजेपी से यह भी कहा कि निषाद पार्टी हमेशा मजबूती से अपने समर्थन का परिचय देती है, जब वह किसी के साथ खड़ी होती है, तो पूरी तरह से खड़ी रहती है। उन्होंने यह साफ किया कि बीजेपी के साथ उनका संबंध मजबूत है और वह पहले भी बीजेपी के साथ थे, आज भी हैं, और भविष्य में भी रहेंगे। लेकिन एक मित्र होने के नाते, उन्हें यह जरूरी समझा कि पार्टी को विभीषणों के बारे में सच बताया जाए, ताकि वह इन खतरों को पहचान सकें और सही समय पर कार्रवाई कर सकें।
संजय निषाद ने इससे पहले शुक्रवार को आजमगढ़ के कोटवां सर्किट हाउस में आशीष पटेल का समर्थन करते हुए कहा था कि कुछ अधिकारी जानबूझकर मंत्री की छवि को खराब करने और उन्हें परेशान करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी न तो उन्हें सीट दे रही है और न ही चुनावी सिंबल, जिससे निषाद पार्टी को लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। उनका मानना था कि पार्टी ने यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया, तो यह भविष्य में पार्टी के लिए और भी नुकसानकारी साबित हो सकता है।
संजय निषाद ने चेतावनी दी कि यदि बीजेपी ने विभीषणों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया और इन समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो 2027 के चुनाव में पार्टी को इसकी गंभीर कीमत चुकानी पड़ सकती है।
हालांकि, संजय निषाद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक अच्छे नेता हैं और वे निषाद पार्टी के मार्गदर्शक के रूप में काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ अधिकारी ऐसे हैं जो अपनी कार्रवाइयों से जनता और पार्टी के वोटरों के बीच असंतोष फैला रहे हैं। इन अधिकारियों के कारण पार्टी को नुकसान हो रहा है और पार्टी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए।
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