प्रवेश वर्मा ने मुख्यमंत्री आवास के कथित घोटाले का एक एल्गोरिदम समझाते हुए दावा किया है कि अरविंद केजरीवाल ने अपने आलीशान शीशमहल में जो 85 इंच के 10 टेलीविजन लगाए थे, उनके लिए पूरा पैसा पीडब्ल्यूडी विभाग ने दिया था। वर्मा ने एक पोस्ट में लिखा है कि एक टेलीविजन की कीमत 10 लाख 57 हजार रुपये बताई गई, जबकि यही टेलीविजन साल 2021 में सिर्फ 4 लाख रुपये में बाजार में आसानी से उपलब्ध था। इस खरीदारी में 10 टीवी खरीदने में ही 60 लाख रुपये का घोटाला किया गया है। वर्मा ने आगे आरोप लगाया कि हर टेलीविजन की खरीद पर अरविंद केजरीवाल ने 6 लाख से अधिक का कमीशन लिया और अपनी तिजोरी भर ली।
बीजेपी ने इसके पहले बुधवार को एक वीडियो जारी किया था, जिसमें आरोप लगाया गया कि केजरीवाल शीशमहल में अपनी अय्याशी के लिए सामान जुटाने में व्यस्त थे, जबकि राष्ट्रीय राजधानी कोरोना जैसी महामारी से जूझ रही थी। बीजेपी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने सत्ता में आते ही वीआईपी संस्कृति को खत्म करने के अपने पुराने वादे से मुंह मोड़ लिया और अपनी सुविधाओं के लिए 'लूट का अड्डा' बना लिया। दिल्ली बीजेपी के आधिकारिक एक्स हैंडल से एक पोस्ट में लिखा गया, “पहले केजरीवाल वीआईपी कल्चर को खत्म करने के बड़े-बड़े वादे करते थे। जनता ने उसकी चिकनी-चुपड़ी बातों में आकर उसे सत्ता का ताज पहना दिया। लेकिन सत्ता में आते ही उसने जनता का भरोसा तोड़ दिया। उसे आम आदमी मानने वाले सभी लोग शर्मिंदा हो गए। आम आदमी की बात करते-करते उसने खुद को खास बना लिया और अपनी सुख-सुविधाओं के लिए तमाम चीजें जुटा लीं।”
पोस्ट में आगे कहा गया है, “कभी खुद बंगला लेने के खिलाफ बोलने वाले केजरीवाल ने जनता की गाढ़ी कमाई से 52 करोड़ का महल बनवाया। बीजेपी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आवास में 5 करोड़ के रिमोट कंट्रोल वाले पर्दे, 1 करोड़ की रेलिंग, 70 लाख के स्वचालित दरवाजे, 65 लाख के टीवी, 30 लाख की रिमोट कंट्रोल वाली लाइटें, 9 लाख का फ्रिज और 4 लाख की मसाज चेयर है।”
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