कालकाजी सीट का सियासी महत्व
कालकाजी सीट साउथ दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के तहत आती है और इसका सियासी महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी यहां से विधायक हैं। ऐसे में उनकी विधानसभा सीट पर पकड़ को मजबूत माना जा सकता है। 2015 के चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने पहली बार इस सीट पर जीत दर्ज की थी, जब आप के प्रत्याशी अवतार सिंह ने बीजेपी के हरमीत सिंह कालका को हराया था। अवतार को 55,104 वोट मिले थे, जबकि हरमीत को 35,335 वोट मिले थे।
2015 से आम आदमी पार्टी का कब्जा
साल 2020 में आम आदमी पार्टी ने इस सीट से दिल्ली की वर्तमान मुख्यमंत्री आतिशी को चुनावी मैदान में उतारा और उन्होंने बीजेपी के धर्मबीर को 11,393 वोटों से हराया। आतिशी को 55,897 वोट मिले थे, जबकि धर्मबीर को 44,504 वोट मिले थे। इस बार भी AAP ने आतिशी को ही अपना उम्मीदवार बनाया है। आतिशी के लिए यह सीट उनके नेतृत्व की परीक्षा साबित हो सकती है, जबकि कांग्रेस और बीजेपी के लिए यह सीट AAP के प्रभाव को चुनौती देने का एक मौका है। कालकाजी सीट पर मुकाबला किसके पक्ष में जाएगा, यह आगामी चुनाव परिणामों पर निर्भर करेगा।





