बीजेपी ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर आरोप लगाया है कि उसने मौलवी और इमामों को वेतन देने के अपने वादे से मुकरते हुए उनका शोषण किया है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि RTI के माध्यम से यह पता चला है कि जनवरी 2021 से वक्फ से जुड़े मौलवी और इमामों को वेतन नहीं दिया गया, जबकि AAP ने पहले उन्हें वेतन देने का वादा किया था। पूनावाला ने यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल और AAP ने धार्मिक समूहों को झूठा आश्वासन दिया है और उनके खिलाफ धरने प्रदर्शन हो रहे हैं।
प्रियंका कक्कड़, AAP की राष्ट्रीय प्रवक्ता, ने इसका जवाब देते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल जेल में थे, इसलिए मौलवियों और इमामों को सैलरी नहीं दी जा सकी। हालांकि बीजेपी ने इसे खारिज करते हुए सवाल उठाया कि अगर 17 महीने तक सैलरी नहीं दी गई, तो क्या केजरीवाल इतने समय तक जेल में थे? बीजेपी ने यह भी पूछा कि अगर AAP पिछले 10 सालों से मौलवियों और इमामों को सैलरी दे रही थी, तो अब पुजारियों और ग्रंथियों के लिए यह योजना क्यों लाए जा रहे हैं? शहजाद पूनावाला ने यह भी तंज किया कि AAP ने पंजाब में महिलाओं को 1,000 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन वहां यह वादा पूरा नहीं हुआ। उन्होंने AAP को 'झूठों की शहंशाह' तक कह दिया।
अरविंद केजरीवाल ने अपनी योजना पर कहा कि पुजारी-ग्रंथी सम्मान योजना की शुरुआत हनुमान मंदिर से होगी और इसके लिए रजिस्ट्रेशन किए जाएंगे। उनके अनुसार, यह योजना दिल्ली में सरकार बनने के बाद लागू की जाएगी, ताकि धार्मिक नेताओं की मदद की जा सके।
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