तिवारी ने सवाल किया, "क्या इस बार विधानसभा चुनाव में इससे भी ज्यादा खर्च होगा?" उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि आम आदमी पार्टी ने जो लूट मचाई है, क्या वह पर्याप्त नहीं थी, और क्या अब पार्टी को इस तरह के पैसे जुटाने की आवश्यकता है?
कांग्रेस नेता ने आतिशी पर आरोप लगाया कि वे अपने गुरु अरविंद केजरीवाल की पूरी तरह से अनुयायी हैं, जो हमेशा कहते कुछ हैं और करते कुछ और। उन्होंने कहा कि आतिशी का दोहरा मापदंड अब स्पष्ट हो गया है, क्योंकि वे एक ओर तो ईमानदारी की बात करती हैं, लेकिन दूसरी ओर चुनावी खर्चों के लिए क्राउड फंडिंग का सहारा ले रही हैं। तिवारी ने शराब घोटाले से जुड़ी रकम का जिक्र करते हुए कहा कि उस रकम से तो कई राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न किए जा सकते थे, और इसके बावजूद आतिशी ने इस प्रकार की फंडिंग की आवश्यकता क्यों जताई। उनका मानना है कि आतिशी ने अपनी गतिविधियों से यह साबित कर दिया है कि वे केवल अपने गुरु की पक्की समर्थक हैं और उनके द्वारा उठाए गए कदमों को बिना किसी प्रश्न के समर्थन करती हैं।
इसके अलावा, प्रमोद तिवारी ने राहुल गांधी की दिल्ली में आयोजित होने वाली चुनावी रैली पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक सधे हुए और अनुभवी नेता हैं, जिन्होंने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के तहत कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक का लंबा सफर तय किया। तिवारी ने कहा कि देश की जनता राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता को पसंद करती है और दिल्ली की जनता भी अब आम आदमी पार्टी और भाजपा दोनों से तंग आ चुकी है। उनका मानना है कि इस बार दिल्ली में कांग्रेस को एक नई उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस दिल्ली में जीत हासिल करेगी।
तिवारी ने उम्मीद जताई कि यह जीत शीला दीक्षित के कार्यकाल की पुनः शुरुआत का प्रतीक होगी, जो दिल्ली की जनता के लिए एक सुखद बदलाव ला सकती है।
इससे पहले, आतिशी ने अपने चुनाव अभियान के लिए 40 लाख रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था, जिसमें 10 जनवरी तक 278 दानदाताओं ने 15 लाख 15 हजार 930 रुपये दान किए थे। आतिशी ने इस फंडिंग प्रक्रिया को लेकर कहा कि लोग उनकी पार्टी की ईमानदार राजनीति का समर्थन करते हुए पैसे दान कर रहे हैं और उन्होंने किसी भी व्यापारी से पैसे नहीं लिए। आतिशी ने इस पहल को पार्टी के लोकतांत्रिक और पारदर्शी दृष्टिकोण के रूप में प्रस्तुत किया है।
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