बिहार इस प्रक्रिया में पहले ही काफी पीछे है। 2003 में यह काम पूरा करने में डेढ़ साल लगे थे। अब जब पूरे प्रदेश में बारिश हो रही है, तो आम लोग यह फॉर्म कैसे भरेंगे?”
उन्होंने आगे कहा, “चुनाव आयोग आधार और राशन कार्ड को इस प्रक्रिया से क्यों नहीं जोड़ रहा? अगर इतने बदलाव हो रहे हैं तो आयोग को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट करना चाहिए। लोगों को बांग्लादेशी, नेपाली और म्यांमारी कहकर अपमानित किया जा रहा है, यह बेहद आपत्तिजनक है।”
नीतीश कुमार का पलटवार: "बच्चा हो, क्या जानो?"
तेजस्वी के इन आरोपों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तीखे तेवरों में नजर आए। उन्होंने तेजस्वी को उनके माता-पिता—लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी—के कार्यकाल की याद दिलाई और कहा, “जब तुम्हारे माता-पिता मुख्यमंत्री थे, तब की स्थिति जानते हो? तब तुम बच्चा थे। हम जो भी काम कर रहे हैं, उसे जनता के सामने गर्व से रखेंगे।”
मुख्यमंत्री ने तेजस्वी की आलोचना पर पलटवार करते हुए कहा, “चुनाव लड़ना है तो अंट-शंट बोलते रहो। हमने महिलाओं और मुसलमानों के लिए कितना कुछ किया है। जब तुम हमारे साथ थे तो तारीफ करते नहीं थकते थे, अब क्या हो गया?”
विधानसभा की कार्यवाही तब और गरमा गई जब नीतीश कुमार ने तेजस्वी को 'बच्चा' कहकर संबोधित करते हुए उनकी उम्र पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “पटना में पहले शाम के बाद महिलाएं बाहर नहीं निकलती थीं। हमने हालात बदले। तुम बच्चा हो, तुम क्या जानो? जब तुम्हारी उम्र कम थी तो क्या देखा था?”
नीतीश ने कहा, “हमने तुम्हें अपने साथ रखा, लेकिन जब काम नहीं हो रहा था, तो छोड़ दिया। अब जो बोलना है, बोलते रहो। हम जनता के बीच हैं और उन्हीं के लिए काम करते हैं।”





