UCC में सुधार की जरूरत: शत्रुघ्न सिन्हा
शत्रुघ्न सिन्हा ने उत्तराखंड में लागू किए गए समान नागरिक संहिता की सराहना करते हुए कहा कि यह एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि देशभर में UCC लागू होना चाहिए और मुझे विश्वास है कि अधिकतर लोग इससे सहमत होंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस कानून में कई बारीकियां और कमियां हैं, जिन्हें दूर करना जरूरी है।
टीएमसी सांसद ने आगे कहा कि उत्तर भारत में लागू किए जाने वाले कुछ नियम पूर्वोत्तर राज्यों में प्रभावी नहीं हो सकते। इसलिए, UCC के मसौदे को अंतिम रूप देने से पहले एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की जानी चाहिए ताकि सभी पक्षों की राय ली जा सके।
गुजरात भी UCC लागू करने की तैयारी में
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू किए जाने के बाद अब गुजरात सरकार भी इस दिशा में कदम बढ़ा रही है। राज्य की बीजेपी सरकार ने अपने चुनावी वादे के मुताबिक, UCC की जरूरत और प्रभाव का आकलन करने के लिए एक समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना देसाई कर रही हैं। समिति को 45 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
उत्तराखंड में UCC लागू, मुख्यमंत्री धामी ने दी सफाई
उत्तराखंड में 27 जनवरी से समान नागरिक संहिता लागू हो चुकी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप को UCC के दायरे में लाना किसी की निजता का उल्लंघन नहीं है, बल्कि युवाओं को सुरक्षा प्रदान करने का एक कदम है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में श्रद्धा वालकर हत्याकांड जैसी घटनाओं को रोकने के लिए यह कानून आवश्यक है।
मुख्यमंत्री धामी ने इस कानून का समर्थन करते हुए कहा कि कई लोगों ने सरकार पर ‘बेडरूम में दखल देने’ का आरोप लगाया, लेकिन यह पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले युवा अक्सर कठिनाइयों का सामना करते हैं, कई बार रिश्ते टूट जाते हैं और हिंसक घटनाएं होती हैं। UCC के जरिए ऐसे मामलों में सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
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