Molitics Logo
होम Uttar Pradesh: वाराणसी में बोले योगी आदित्यनाथ: “मुहर्रम में....., कांवड़ यात्रा एकता की मिसाल”

Uttar Pradesh: वाराणसी में बोले योगी आदित्यनाथ: “मुहर्रम में....., कांवड़ यात्रा एकता की मिसाल”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सावन और मुहर्रम को लेकर बड़ा बयान दिया।

Uttar Pradesh: वाराणसी में बोले योगी आदित्यनाथ: “मुहर्रम में....., कांवड़ यात्रा एकता की मिसाल”
फोटो: Uttar Pradesh: वाराणसी में बोले योगी आदित्यनाथ: “मुहर्रम में....., कांवड़ यात्रा एकता की मिसाल”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सावन और मुहर्रम को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी धार्मिक आयोजनों के लिए नियम तय कर चुकी है, और कोई भी अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम योगी ने जौनपुर में मुहर्रम के दौरान ताज़िया जुलूस में हुई दुर्घटना का उल्लेख किया, जिसमें ऊंचे ताजिए के हाईटेंशन तार से टकरा जाने के कारण तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन की घटनाएं सामने आई थीं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, "मैंने पुलिस से कहा कि उपद्रवियों से सख्ती से निपटें। ऐसे लोग बातों से नहीं मानते। हमने पहले ही निर्देश दिए थे कि ताजिया की ऊंचाई सीमित रखी जाए ताकि बिजली और अन्य अवसंरचना को नुकसान न पहुंचे।"

कांवड़ यात्रा भक्ति और एकता का प्रतीक- योगी आदित्यनाथ

योगी आदित्यनाथ ने सावन के महीने में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को ‘एकता का अद्भुत संगम’ बताया। उन्होंने कहा कि हजारों कांवड़ यात्री लंबी दूरी तय कर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और यह एक अनुशासित और शांतिपूर्ण धार्मिक आयोजन होता है। मुख्यमंत्री ने मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा, "कांवड़ यात्रा को लेकर अक्सर मीडिया ट्रायल होता है। कभी उन्हें उपद्रवी, तो कभी आतंकवादी तक कहा जाता है। यह मानसिकता भारत की आस्था और परंपरा का अपमान करती है।"

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें सख्ती से रोका जाना चाहिए। “एक घटना में आगजनी करने वाला भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से ‘या अल्लाह’ निकला। ऐसी साजिशों को पहचानना जरूरी है।”

कार्यक्रम के दौरान सीएम ने 'धरती आबा' भगवान बिरसा मुंडा पर आधारित राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि भारत का जनजातीय समाज सदैव सनातन धर्म की रक्षा में अग्रिम पंक्ति में खड़ा रहा है। "हमारे वेदों की ऋचाएं महलों में नहीं, जंगलों के सुरम्य वातावरण में लिखी गईं। अरण्यकांड इसका प्रमाण है।"