कांवड़ यात्रा भक्ति और एकता का प्रतीक- योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ ने सावन के महीने में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को ‘एकता का अद्भुत संगम’ बताया। उन्होंने कहा कि हजारों कांवड़ यात्री लंबी दूरी तय कर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और यह एक अनुशासित और शांतिपूर्ण धार्मिक आयोजन होता है।
मुख्यमंत्री ने मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा, "कांवड़ यात्रा को लेकर अक्सर मीडिया ट्रायल होता है। कभी उन्हें उपद्रवी, तो कभी आतंकवादी तक कहा जाता है। यह मानसिकता भारत की आस्था और परंपरा का अपमान करती है।"
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर फेक अकाउंट बनाकर जातीय संघर्ष फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें सख्ती से रोका जाना चाहिए।
“एक घटना में आगजनी करने वाला भगवा गमछा पहने था, लेकिन उसके मुंह से ‘या अल्लाह’ निकला। ऐसी साजिशों को पहचानना जरूरी है।”
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने 'धरती आबा' भगवान बिरसा मुंडा पर आधारित राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन भी किया। उन्होंने कहा कि भारत का जनजातीय समाज सदैव सनातन धर्म की रक्षा में अग्रिम पंक्ति में खड़ा रहा है।
"हमारे वेदों की ऋचाएं महलों में नहीं, जंगलों के सुरम्य वातावरण में लिखी गईं। अरण्यकांड इसका प्रमाण है।"





