ओडिशा से सभ्य समाज को शर्मिंदा करने वाली एक ख़बर आयी है। रविवार रात भुवनेश्वर के करीब भरतपुर थाने में एक शिकायत दर्ज कराने गये एक आर्मी अफसर और उसकी मंगेतर के साथ पुलिस ने न सिर्फ़ दुर्व्यवहार किया बल्कि एक इंस्पेक्टर ने महिला के सामने पैंट उतारकर यौन संबंध बनाने की धमकी भी दी। यही नहीं महिला और उसकी मंगेतर के ख़िलाफ उल्टा एफआईआर भी दर्ज कर ली। इस ख़बर ने ओडिशा में राजनीतिक तूफ़ान ख़ड़ा कर दिया है। कांग्रेस और बीजेडी ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला है।
दरअसल, महिला एक रेस्टोरेंट चलाती है। रविवार देर रात जब वह अपने मंगेतर के साथ रेस्टोरेंट बंद करके घर जाने लगी तो कुछ लोगों के साथ उसका झगड़ा हो गया। इसी बात की शिकायत दर्ज कराने दोनों थाने गये। लेकिन एफआईआर दर्ज कराने की उनकी कोशिश से पुलिस इस कदर चिढ़ गयी कि मंगेतर को हवालात में बंद कर दिया गया और महिला के साथ मारपीट की गयी।
पीड़ित महिला ने मीडिया को बताया कि विवाद होने पर दो महिला सिपाहियों ने उसके बाल खींचे और ज़मीन पर घसीटना शुरू कर दिया। पुलिस वालों ने उसके ही कपड़ो से उसे बाँध कर मारपीट करनी शुरू कर दी। एक पुरुष पुलिस वाले ने उसकी छाती पर लगातार कई लात मारी। इसके बाद थाने का इंस्पेक्टर आया, और अपनी पैंट की ज़िप खोलकर अपना गुप्तांग दिखाया और यौन सम्बन्ध बनाने की धमकी देने लगा। इस दौरान महिला दर्द से चिल्ला रही थी।
दरअसल, महिला एक रेस्टोरेंट चलाती है। रविवार देर रात जब वह अपने मंगेतर के साथ रेस्टोरेंट बंद करके घर जाने लगी तो कुछ लोगों के साथ उसका झगड़ा हो गया। इसी बात की शिकायत दर्ज कराने दोनों थाने गये। लेकिन एफआईआर दर्ज कराने की उनकी कोशिश से पुलिस इस कदर चिढ़ गयी कि मंगेतर को हवालात में बंद कर दिया गया और महिला के साथ मारपीट की गयी।
पीड़ित महिला ने मीडिया को बताया कि विवाद होने पर दो महिला सिपाहियों ने उसके बाल खींचे और ज़मीन पर घसीटना शुरू कर दिया। पुलिस वालों ने उसके ही कपड़ो से उसे बाँध कर मारपीट करनी शुरू कर दी। एक पुरुष पुलिस वाले ने उसकी छाती पर लगातार कई लात मारी। इसके बाद थाने का इंस्पेक्टर आया, और अपनी पैंट की ज़िप खोलकर अपना गुप्तांग दिखाया और यौन सम्बन्ध बनाने की धमकी देने लगा। इस दौरान महिला दर्द से चिल्ला रही थी।
पुलिस ने आर्मी अफसर और पीड़ित महिला के ख़िलाफ़ सरकारी संपत्ति का नुकसान करने और पुलिस पर हमला करने की उल्टा एफआईआर भी दर्ज कर ली। इस मामले में दोनों को ओडिशा हाईकोर्ट से ज़मानत लेनी पड़ी। एफआईआर रद्द करने की उनकी याचिका पर अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी।
कांग्रेस और बीजेडी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने घटना को लेकर हैरानी जताई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह बीजेपी के डबल इंजन सरकार की हक़ीकत है। घटना ने साबित कर दिया है कि राज्य में किस तरीक़े का जंगलराज चल रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने महिला और उसके मंगेतर के साथ हुई घटना के दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने की माँग की है। वहीं, नवीन पटनायक ने मामले की जांच अदालत की निगरानी में एसआईटी से कराने की मॉंग की है।
ओडिशा पुलिस ने बुधवार को मामले में प्राथमिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए, पाँच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। महिला कार्यकर्ताओं के एक समूह ने शुक्रवार को पुलिस भवन के सामने धरना दिया और सेना अधिकारी की मंगेतर के कथित यौन उत्पीड़न में शामिल आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग की। ओडिशा महिला आयोग ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।





