बीजेडी विपक्ष के साथ
राज्यसभा में विपक्ष ने नीट के मुद्दे पर चर्चा की मांग को जारी रखा, जिसमें बीजेडी ने भी साथ दिया। राज्यसभा में बीजेडी के नेता और पार्टी के मुख्य सचेतक (व्हिप) सस्मित पात्रा ने संसद भवन परिसर में कहा, “बीजू जनता दल और अन्य विपक्षी दल नीट पर चर्चा चाहते थे। जब चर्चा के लिए अनुमति नहीं मिली, तो हम आसन के समीप आ गये। हमने विरोध किया व चर्चा की माँग की, लेकिन सभापति जगदीप धनखड़ की तरफ़ से कोई अनुमति नहीं दी गयी।”
सभा में चर्चा की मांग करते हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद फूलो देवी नेताम बेहोश हो गयीं। विपक्ष ने स्थिति को देखते हुए सदन के स्थगन की मांग की, लेकिन सभापति धनखड़ ने सदन को स्थगित करने से साफ़ इनकार कर दिया। इसपर विपक्ष ने नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। हालांकि, फूलो देवी को इलाज़ के लिए अधिकारी तुरंत ले गये थे।
भाजपा को समर्थन नहीं
बीजेडी के अध्यक्ष और उड़ीसा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बीते दिनों अपनी पार्टी के 9 राज्यसभा सदस्यों के साथ बैठक की थी, जिसमें उन्होंने अपने सांसदों को सभा के दौरान जीवंत और मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए कहा था। बैठक में पटनायक ने सांसदों से राज्य के हितों से संबंधित मुद्दों को उचित तरीके से उठाने के लिए भी कहा था।
पार्टी नेता सस्मित पात्रा ने कहा था, 'इस बार बीजद सांसद केवल मुद्दों पर बोलने तक ही सीमित नहीं रहेंगे।' उन्होंने कहा कि अगर केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ओडिशा के हितों की अनदेखी करती है तो वे आंदोलन करने के लिए तैयार रहेंगे। सदन में भाजपा को समर्थन देने का कोई सवाल ही नहीं उठता है। पार्टी प्रमुख़ नवीन पटनायक ने साफ़ कर दिया है कि अगर केंद्र सरकार ओडिशा की वास्तविक मांगों को नजरअंदाज करना जारी रखती है, तो हमें एक मजबूत और जीवंत विपक्ष के रूप में काम करना है।





