प्रफुल्ल पटेल: 'शरद पवार हमारे देवता हैं'
अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने पवार परिवार के एकजुट होने की संभावना पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, "शरद पवार हमारे देवता हैं। हम उनके प्रति असीम सम्मान रखते हैं। यदि पवार परिवार एकजुट होता है, तो यह हमारे लिए खुशी की बात होगी। मैं खुद को इस परिवार का सदस्य मानता हूं।" एनसीपी विधायक नरहरि ज़िरवाल ने भी दोनों गुटों के एक साथ आने की वकालत की। उन्होंने कहा, "शरद पवार साहब को छोड़ना (पार्टी विभाजन के बाद) असामान्य अनुभव था। कई लोग ऐसा ही महसूस करते हैं। मैं उनसे और अजित पवार से साथ आने का अनुरोध करूंगा। शरद पवार हमेशा समाज के सभी वर्गों के लिए काम करते रहे हैं।"
एनसीपी प्रवक्ता अमोल मिटकरी ने कहा कि शरद पवार और अजित पवार के बीच की खाई को पाटने की जरूरत है। हालांकि, उन्होंने इसे चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा, "कुछ लोग, जैसे शरद पवार के प्रमुख सहयोगी जितेंद्र अव्हाड और उनके पोते रोहित पवार, इस एकजुटता में बाधा बन सकते हैं। लेकिन आशा ताई की प्रार्थना हर एनसीपी कार्यकर्ता की इच्छा है।" इस पूरे मामले में शरद पवार के करीबी माने जाने वाले जितेंद्र अव्हाड ने कहा कि फैसला लेने का अधिकार पवार परिवार का है। उन्होंने कहा, "अगर आशा पवार कह रही हैं कि पवारों को एक साथ आना चाहिए, तो यह उनका व्यक्तिगत विचार है। मैं इस पर कुछ नहीं कह सकता। यह उनका पारिवारिक मामला है।"
पवार परिवार के पुनर्मिलन की संभावना को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े बदलाव का कारण बन सकता है। शरद पवार की सियासी विरासत और अजित पवार के प्रशासनिक अनुभव का साथ आना एनसीपी के लिए नया अध्याय लिख सकता है।
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