मंत्रिमंडल ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि हमले में मारे गए प्रत्येक नागरिक के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह राशि सीधे तौर पर परिजनों को दी जाएगी, ताकि वे अपने जीवन को फिर से व्यवस्थित कर सकें। इसके अतिरिक्त, सरकार ने आश्वासन दिया कि वह प्रभावित परिवारों को दीर्घकालिक सहायता भी प्रदान करेगी, जिसमें रोजगार, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
दुख की घड़ी में सरकार साथ खड़ी है
कैबिनेट बैठक के बाद एक आधिकारिक बयान में कहा गया, "महाराष्ट्र सरकार इस संकट की घड़ी में अपने नागरिकों के साथ खड़ी है। यह केवल मुआवजे तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि पीड़ित परिवारों को भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।" बैठक में यह भी घोषणा की गई कि मुख्यमंत्री के विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए शहीद जगदाले की बेटी को महाराष्ट्र सरकार में नौकरी दी जाएगी। यह कदम पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना और उनकी दीर्घकालिक सहायता के वादे को दर्शाता है।
गौरतलब है कि पहलगाम हमले में कुल 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें सबसे अधिक — छह नागरिक — महाराष्ट्र से थे। हमले के तुरंत बाद राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की थी। अब इस नई घोषणा से स्पष्ट है कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ हर संभव समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।





