हाल ही में राम रहीम ने 20 दिनों की पैरोल मांगी थी। हरियाणा में आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण, राज्य सरकार ने पैरोल का अनुरोध मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) को भेजा था। इसपर आयोग ने बदले में दोषी की रिहाई के लिए बाध्यकारी परिस्थितियों के बारे में अधिकारियों से जानकारी मांगी थी। हैरान कर देने वाली बात यह है कि 13 अगस्त को ही राम रहीम को 21 दिनों की फरलो (जेल में लंबी सजा काट रहे व्यक्ति को दी जाने वाली ज़मानत) दी गयी थी।
बाबा राम-रहीम को कब-कब पैरोल मिली
बीमार माँ से मिलने के लिए बाबा राम-रहीम को 24 अक्टूबर 2020 और 21 मई 2021 को एक दिन की फरलो दी गयी। इसके अलावा 7 फरवरी 2022 को 21 दिन, जून 2022 को 30 दिन, अक्टूबर 2022 को 40 दिन, जनवरी 2023 को 40 दिन, जुलाई 2023 को 30 दिन, नवंबर 2023 को 29 दिन, जनवरी 2024 को 60 दिन और 13 अगस्त 2024 में 21 दिनों के लिए फरलो की मंज़ूरी दी गयी।
बीजेपी समर्थक राम रहीम
चुनाव के दौरान राम रहीम को पैरोल मिलना, इसलिए भी सवालों के घेरे में हैं, क्योंकि राम-रहीम पिछले कुछ सालों से बीजेपी के समर्थक रहे है। 2014 में हुए लोकसभा के चुनाव में बीजेपी की हरियाणा की जीत में डेरा प्रमुख का बहुत बड़ा हाथ था। राम रहीम के इशारे पर डेरा समर्थकों ने बीजेपी को अपना वोट दिया था। इसके अलावा राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भी डेरा समर्थकों ने बीजेपी को अपना समर्थन दिया था। साल 2019 और 2024 के चुनावों में भी डेरा समर्थकों ने बीजेपी को अपना वोट दिया था। पंजाब में साल 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में राम रहीम के इशारे पर डेरा समर्थकों ने बीजेपी को अपना समर्थन दिया। इसका फ़ायदा बीजेपी और अकाली दाल दोनों को हुआ था, लेकिन इसके बाद भी सरकार बनाने लायक बहुमत हासिल नहीं कर सकी।





