इसके अलावा, रोहिणी ने यह भी कहा, "चाचा जी, तेजस्वी यह भी जानते हैं कि किसने अपने डीएनए में खोट बताने वालों के साथ कुर्सी के लोभ में समझौता किया, किसने न्योता देकर किसकी थाली खींची, और किसने 'मर जाऊँगा लेकिन उनके साथ नहीं जाऊँगा' कहकर भी उन लोगों के पैर छुए, जिनके साथ न जाने की बात उन्होंने की थी।"
रोहिणी ने नीतीश कुमार को भी घेरा और कहा, "चाचा जी, तेजस्वी आपके बच्चे के समान हैं, लेकिन यह भी जानता है कि किसके शासनकाल में देश का सबसे बड़ा 'सृजन घोटाला' हुआ, और कौन मुज़फ्फरपुर महापाप के मुख्य आरोपी के यहाँ दावत पर गया। तेजस्वी की जानकारी की लिस्ट बहुत लंबी है। अगर उसने अपनी सारी जानकारी सार्वजनिक कर दी, तो आपको शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा।"
इससे पहले, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान तेजस्वी यादव को "बच्चा" कहकर तंज कसा। उन्होंने कहा था, "तेजस्वी को क्या पता है, यह बच्चा है। तुम नहीं जानते, 2005 से पहले जब मैं केंद्रीय मंत्री और सांसद था, तो शाम के बाद घर से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं होती थी। उस समय समाज में बहुत विवाद होते थे और हिंदू-मुस्लिम के बीच झगड़े बढ़े हुए थे।"
नीतीश कुमार का यह बयान विधानसभा में विपक्षी नेताओं के लिए तिल का ताड़ बना गया और तेजस्वी यादव और उनके समर्थकों ने इसे लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। रोहिणी आचार्य की टिप्पणी में इस बात का साफ संकेत था कि तेजस्वी यादव की जानकारी और राजनीतिक समझ काफी व्यापक है, और वह अपनी राजनीति में ऐसे कई मुद्दों पर सटीक तरीके से सवाल उठा सकते हैं जो सत्ता पक्ष के लिए मुश्किल साबित हो सकते हैं।
अब, यह देखना दिलचस्प होगा कि इस राजनीतिक घमासान का आगे क्या रूप लेता है और क्या तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार के बीच के इस विवाद का कोई ठोस समाधान निकलेगा।
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