किसान कानून वापस आने चाहिए-कंगना
सुप्रिया श्रीनेत द्वारा जारी वीडियो में कंगना कह रही हैं कि 'हो सकता है यह कंट्रोवर्सियल हो जाए, लेकिन किसानों के हितकारी ये कानून वापस आने चाहिए। किसानों को खुद इसकी मांग करनी चाहिए। देश के विकास में किसान एक मुख्य पिलर हैं और मैं चाहती हूं जो तीन कानून हैं, जिनपर कुछ राज्यों ने आपत्ति जताई थी, वे लागू होने चाहिए।' कंगना ने कहा कि जिस तरह से दूसरे इलाकों में विकास हो रहा है, वैसा ही किसानों की भी समृद्धि होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह खुद किसान परिवार से संबंध रखती हैं और ऐसे में उनका दर्द जानती हैं।
कंगना के इस बयान को लेकर सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि बीजेपी सांसद उन कानूनों को वापस लेने के लिए बोल रही हैं, जिसके कारण 750 किसान शहीद हो गए। उन कानूनों को दोबारा लाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस ने कहा कि 750 से ज्यादा किसान शहीद होने के बाद मोदी सरकार की नींद टूटी और ये काले कानून वापस हुए। कांग्रेस किसानों के साथ है, इन काले कानून की वापसी अब कभी नहीं होगी, चाहे नरेंद्र मोदी और उनके सांसद जितना जोर लगा लें।
किसानों से जुड़े मुद्दे पर पहले भी रह चुकी हैं विवादों में
यह पहली बार नहीं है कि कंगना किसानों को लेकर चर्चा में है, पहले भी वह इस मामले के चलते विवाद में रह चुकी हैं। उन्हें किसान आंदोलन को लेकर की गयी बयानबाजी के चलते चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर एक महिला सुरक्षाकर्मी ने थप्पड़ भी मार दिया था। कंगना ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि 'अगर हमारी लीडरशिप कमजोर होती तो देश में बांग्लादेश जैसी स्थिति हो सकती थी। सभी ने देखा कि किसान आंदोलन के दौरान क्या हुआ था। प्रदर्शन की आड़ में हिंसा फैलाई गई। वहां बलात्कार हो रहे थे। लोगों को मारकर लटकाया जा रहा था। इस स्थिति में भारत में बांग्लादेश जैसी स्थिति हो सकती थी। केंद्र सरकार ने जब कृषि कानूनों को वापस लिया तो सभी प्रदर्शनकारी चौंक गए। इस आंदोलन के पीछे एक लंबी प्लानिंग थी।'
कंगना के इस बयान के बाद भाजपा को यह कहना पड़ा कि यह उनकी निजी राय है, पार्टी का इससे कुछ लेने देना नहीं है। पार्टी ने उन्हें भविष्य में इस तरह के बयान न देने के निर्देश भी दिए। लेकिन कंगना ने पार्टी को फिर बैकफुट पर डाल दिया है।





