मनोज झा ने कहा, “यह एक औपचारिक बैठक होगी जिसमें बिहार के राजनीतिक परिदृश्य और महागठबंधन की दिशा को लेकर गंभीर चर्चा होगी। कांग्रेस हमारी सबसे पुरानी सहयोगी है और हम मिलकर बिहार के भविष्य की रणनीति तैयार कर रहे हैं।”
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे 20 अप्रैल को बिहार के बक्सर में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिससे पार्टी की चुनावी तैयारियों को बल मिलेगा। बिहार में कांग्रेस और आरजेडी, I.N.D.I.A. गठबंधन के तहत मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।
बिहार में विधानसभा चुनाव अक्टूबर-नवंबर में होने की संभावना है। ऐसे में सभी प्रमुख दलों ने अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। हाल ही में बीजेपी नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव पर "जंगल राज" और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। शाह ने ऐलान किया कि वे अब हर महीने दो दिन बिहार में चुनावी तैयारियों में बिताएंगे।
वहीं, एनडीए की रणनीतिक बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हिस्सा लिया। इस दौरान मौजूदा सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की रणनीति बनाई गई।
बिहार में कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने 'नौकरी दो' अभियान के तहत बेरोजगारी और पलायन के मुद्दों को जोरशोर से उठाया है। राहुल गांधी भी 7 अप्रैल को बेगूसराय में इस रैली में शामिल हुए। यह रैली राज्य में युवाओं की नाराजगी को राजनीतिक मुद्दा बनाने की दिशा में कांग्रेस की एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है।
बिहार चुनाव एक बार फिर महागठबंधन (आरजेडी, कांग्रेस, वामपंथी दल) और एनडीए (बीजेपी, जेडीयू) के बीच कांटे की टक्कर का रूप लेता दिख रहा है। हालांकि, अभी तक चुनाव की तारीखों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सभी दल अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।





