कांग्रेस पार्टी दिशाहीन
गौरव वल्लभ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना इस्तीफ़ा सार्वजनिक किया। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे पत्र में उन्होंने लिखा कि कांग्रेस पार्टी दिशाहीन हो गयी है और वे न सनातन विरोधी नारे लगा सकते हैं और न ही ही सुबह-शाम देश के वेल्थ क्रिएटर्स को गाली दे सकते हैं। उन्होंने राममंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में पार्टी के न जाने को भी गलत बताया और आरोप लगाया कि पार्टी में युवा और बौद्धिक लोगों के विचारों की कद्र नहीं होती।
वैसे गौरव वल्लभ को कांग्रेस ने 2019 में जमशेदपुर और 2023 में राजस्थान की एक से चुनाव लड़ा चुकी है। पार्टी ने उन्हें बहुत जल्द राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाकर पहचान भी दी थी। कहा जा रहा है कि 2024 का लोकसभा चुनाव न मिलने से नाराज़ होकर उन्होंने पाला बदला है।
विजेंद्र ने कहा घर वापसी
बुधवार को बॉक्सर विजेंदर सिंह भी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए है। इस मौके पर विजेंद्र सिंह ने कहा कि यह एक तरह से उनकी घर वापसी है। मोदी सरकार में खिलाड़ियों का मान-सम्मान बढ़ा है। अब हम विदेश में भी आसानी से आ जा सकते है। विजेंदर ने कहा जो गलत लगेगा उसे गलत कहूंगा और जो सही लगेगा उसे सही कहूंगा।
हैरानी की बात ये है कि हरियाणा की महिला पहलवानों के अपमान का मुद्दा अभी भी बना हुआ है। विजेंद्र सिंह इसे लेकर खुद बीजेपी की तगड़ी आलोचना करते थे। लेकिन उन्हें कांग्रेस लोकसभा टिकट देने को तैयार नहीं थी इसलिए उन्होंने रातो रात पाला बदल लिया।
संज निरुपम की बग़ावत
उधर, कई दिनों से कांग्रेस में रहते हुए बाग़ी तेवर दिखा रहे संजय निरपुम ने भी पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया।बुधवार को कांग्रेस पार्टी ने उन्हें निष्कासित किया था लेकिन निरुपम ने कहा है कि वे पहले ही इ्स्तीफ़ा दे चुके थे। दरअसल संजय निरुपम मुंबई में सीट शेयरिंग के फार्मूले से नाराज़ थे।कहा जाता है कि मुंबई की उत्तर पश्चिम सीट शिवसेना( यूबीटी) को दे दिये जाने से वे ख़ासे नाराज थे। मुंबई की उत्तर पश्चिम सीट से अमोल कीर्तीकर को टिकट मिलने के बाद उन्होंने कहा था कि वे खिचड़ी चोर के लिए चुनाव प्रचार नहीं कर सकते।
इसी बीच यह भी खबर है की संजय निरुपम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते है।





