इस्तीफे के बाद लवली ने क्या कहा
लवली ने कहा कि मैंने टिकट न मिलने की वजह से इस्तीफा नहीं दिया है। मैंने अपने उसूलों और कांग्रेस का हर कार्यकर्ता जिस पीड़ा को महसूस करता है, उसका जिक्र करते हुए ये इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा लोकसभा चुनाव का टिकट देते समय प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी ऑब्जर्वर और स्थानीय कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया गया। नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली और नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली की सीटें ऐसे उम्मीदवारों को दी गई, जो दिल्ली कांग्रेस की नीतियों से अनजान हैं। दिल्ली कांग्रेस प्रमुख के पद से इस्तीफा देने के कुछ घंटों बाद अरविंदर सिंह लवली ने रविवार को कहा कि मैंने अभी पार्टी नहीं छोड़ी है और न ही मैं किसी अन्य पार्टी में शामिल हो रहे हूँ।
दिल्ली कांग्रेस के नेताओं ने क्या कहा
कांग्रेस नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित ने कहा कि अरविंदर सिंह लवली की यह एक व्यक्तिगत पीड़ा है। उनकी पीड़ा है कि दिल्ली में हम अपनी पुरानी साख को लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दिल्ली कांग्रेस का अध्यक्ष का काम काफ़ी मुश्किल था, इसके बावजूद पिछले 6-8 महीने में उन्होंने मेहनत करके पार्टी खड़ी की।
उधर, ओखला से कांग्रेस के दो बार के विधायक रह चुके आसिफ मोहम्मद खान ने कहा कि लवली के इस्तीफे से पार्टी में मतभेद हो सकते हैं। अगर लवली निराश थे, इस्तीफा देना चाहते थे तो वे चुपचाप मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना इस्तीफा सौंप देते। उन्हें अपने इस्तीफे को सार्वजनिक नहीं करना चाहिए था। जो पत्र उन्होंने मीडिया जारी किया है इससे सीधे तौर पर बीजेपी को फायदा पहुंचा रहा हैं। आसिफ मोहम्मद ने कहा बीजेपी दो- तीन दिन में पश्चिमी दिल्ली से हर्ष मल्होत्रा का टिकट काटकर अरविंदर सिंह लवली को दे सकती हैं।
आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया
लवली के इस्तीफे पर आप नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमारी गठबंधन सहयोगी है और यह उनकी पार्टी का यह आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा मैं इस मामले पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता। मुझे लगता है कि कांग्रेस ही इस बारे में बोलें तो ज्यादा बेहतर होगा।
बीजेपी ने क्या कहा
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि पहले तो भ्रष्टाचारी आम आदमी पार्टी के साथ जाना, फिर दूसरा मुद्दा देश विरोधी ताकतों के साथ रहने वाले कन्हैया कुमार को टिकट देना, इन कारणों के वजह से कांग्रेस के भीतर ही विरोध हो रहा था, इसलिए लवली ने इस्तीफा दिया । उन्होंने यह भी कहा कि हमारी पार्टी में सभी का स्वागत है।
लवली के इस्तीफे पर भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस में सब ठीक-ठाक नहीं है। कांग्रेस में एक परिवार ही सब कुछ चलाना चाहता है, जिससे जमीनी नेता परेशान हैं। कल तक कांग्रेस जिन लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाती थी आज वे उन्हीं लोगों के साथ समझौता करके चुनाव लड़ रहे हैं। ये कैसे संभव है? लोगों को घुटन हो रही है इसलिए वे इस्तीफा दे रहे हैं।





