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शहजाद पूनावाला ने अभिजीत दीपके की 'कॉकरोच जनता पार्टी' पर साधा निशाना

पूर्व बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने अभिजीत दीपके द्वारा एम.के. स्टालिन, पिनाराई विजयन और अरविंद केजरीवाल को सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री बताने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, उन्हें 'फ्रॉडियों का झुंड' करार दिया।

शहजाद पूनावाला ने अभिजीत दीपके की 'कॉकरोच जनता पार्टी' पर साधा निशाना
फोटो: शहजाद पूनावाला ने अभिजीत दीपके की 'कॉकरोच जनता पार्टी' पर साधा निशाना

पूनावाला का आक्रोश

भारतीय जनता पार्टी (BJP) छोड़ने के बाद शहजाद पूनावाला ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर तीखा हमला किया है। उन्होंने दीपके और उनकी टीम को 'फ्रॉडियों का झुंड' कहा, जो कि दीपके के उस बयान के संदर्भ में था, जिसमें उन्होंने एम.के. स्टालिन, पिनाराई विजयन और अरविंद केजरीवाल को भारत का सबसे अच्छा मुख्यमंत्री बताया था। पूनावाला का कहना है कि यदि ये मुख्यमंत्री सच में अच्छे थे, तो जनता ने उन्हें अपने राज्यों में क्यों नकारा?


पूनावाला ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि CJP को ऐसे नेताओं की पसंद है जिन्हें जनता ने 'नकार' दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से 'जनता' शब्द को हटाना चाहिए, क्योंकि असल में जनता ने कुछ और ही निर्णय लिया था।


आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल

पूनावाला ने अपने आक्षेप को मजबूत करने के लिए स्टालिन की कार्यकाल के दौरान तमिलनाडु के बढ़ते सार्वजनिक कर्ज, विजयन के समय COVID-19 के कारण हुई मौतों और केजरीवाल के कार्यकाल में शराब की दुकानों की स्थिति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये तथ्य दर्शाते हैं कि इन नेताओं की नीतियों का जनता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।


उन्होंने स्पष्ट किया कि CJP को ऐसे नेता पसंद हैं जिनकी कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है, और उन्होंने इस पर गहरी चिंता व्यक्त की।


दीपके का बयान

एक टीवी चैनल पर अपने बयान में, अभिजीत दीपके ने एम.के. स्टालिन, पिनाराई विजयन और अरविंद केजरीवाल की प्रशंसा की थी। जब उनसे सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि कई नेता हैं जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में अच्छा काम किया है। दीपके ने कहा, 'एम.के. स्टालिन ने तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था में सुधार किया, पिनाराई विजयन ने केरल में स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया, और अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया।'


हालांकि, इन तीनों नेताओं के शासन में हाल ही में सत्ता परिवर्तन हुआ है, जो इस बात को दर्शाता है कि जनता के मन में इनकी छवि कैसी है।


सत्ता में बदलाव का संदर्भ

गौरतलब है कि मई 2023 में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एम.के. स्टालिन की पार्टी को हार का सामना करना पड़ा और सी. जोसेफ विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) ने सत्ता संभाली। इस चुनाव में स्टालिन खुद अपनी सीट भी हार गए थे। इसी तरह, केरल में भी पी विजयन के नेतृत्व वाली सरकार को हार का सामना करना पड़ा, और कांग्रेस ने 10 साल बाद सत्ता में वापसी की।


दिल्ली में, पिछले साल फरवरी में आम आदमी पार्टी की हार के बाद बीजेपी ने 27 साल में पहली बार विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की, जिससे रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया।