राहुल गांधी की खुली चुनौती
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक बहस के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पब्लिक पोल साझा कर जनता से सवाल किया है कि क्या वे राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी के बीच इस बहस को देखना चाहते हैं। पोल में दो विकल्प दिए गए हैं: 'हां, मोदी जी, डरो मत' और 'नहीं, मोदी जी, डर गए'। इस पोल के माध्यम से राहुल गांधी ने जनता की राय जानने के साथ-साथ प्रधानमंत्री पर अप्रत्यक्ष रूप से दबाव बनाने का प्रयास किया है।
भाजपा नेताओं से अपील
राहुल गांधी ने अपने इस पोस्ट में कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं को टैग किया है, जिनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हैं। उन्होंने इन नेताओं से निवेदन किया है कि वे प्रधानमंत्री मोदी को इस बहस को स्वीकार करने के लिए प्रेरित करें। राहुल ने लिखा, 'राजनाथ सिंह जी, नितिन गडकरी जी, शिवराज सिंह चौहान जी, योगी आदित्यनाथ जी, आप हमेशा प्रधानमंत्री के भले की सोचते हैं, कृपया उन्हें आने के लिए मनाइए।'
पहले भी दी थी चुनौती
यह पोल राहुल गांधी द्वारा दिए गए पहले चैलेंज के कुछ घंटे बाद आया। उन्होंने एक वीडियो साझा कर कहा था कि मोदी को खुली बहस की चुनौती दिए हुए 24 घंटे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। वीडियो में राहुल ने कहा, '24 घंटे बीत चुके हैं, मोदी जी। मैंने आपको चुनौती दी थी। आप कहते हैं कि विपक्ष देश-विरोधी है। कोई भी मंच या स्थान चुन लीजिए और मुझसे बहस करिए।'
विदेशी ताकतों से जुड़ने का सवाल
राहुल गांधी ने इस दौरान विदेशी ताकतों से जुड़ने के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि एंटी-नेशनल कौन है और विदेशी ताकतों के साथ किसके कनेक्शन हैं। उन्होंने कहा, 'जितनी जल्दी हो सके, ऐसा कर लीजिए और डरिए मत।' राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी विदेशी मदद के आधार पर सत्ता में आए हैं और उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी इस चुनौती को स्वीकार नहीं करेंगे।
सियासी विवाद की शुरुआत
यह सियासी विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेशनल यूनिटी डे पर दिए गए भाषण के बाद शुरू हुआ। मोदी ने अपने संबोधन में विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे रचनात्मक भूमिका निभाने के बजाय 'रोकने वाली ताकत' बन गए हैं। उन्होंने कहा, 'जब देश बाहरी चुनौतियों का हल ढूंढ रहा था, तब कुछ ताकतें देश के अंदर झूठ और अफवाहें फैलाकर अस्थिरता पैदा कर रही थीं।'
विदेश यात्राओं पर मोदी के सवाल
प्रधानमंत्री मोदी ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि कुछ लोग विदेश में चुपके से किससे मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक दशक से अधिक समय की निराशा के कारण ये लोग अब खुलकर सामने आ गए हैं। मोदी ने पूछा, 'विदेश में कौन चुपके से किससे मिल रहा है? भारत विरोधी ताकतें किसे सपोर्ट कर रही हैं?'





