Rajya Sabha Bid: येवला में पोस्टरबाजी से जताया गया विरोध
Chhagan Bhujbal Ticket: छगन भुजबल को उम्मीदवार न बनाए जाने के बाद उनके समर्थकों ने नाराजगी खुलकर जाहिर की है। नासिक जिले के येवला शहर में जगह-जगह पोस्टर लगाए गए हैं, जिन पर लिखा है 'साहेब निर्णय लीजिए' इन पोस्टरों के माध्यम से समर्थक अप्रत्यक्ष रूप से Bhujbal से राजनीतिक भविष्य को लेकर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय राजनीतिक गलियारों में ये पोस्टर चर्चा का विषय बने हुए हैं। माना जा रहा है कि यह केवल नाराजगी नहीं बल्कि पार्टी नेतृत्व को एक संदेश देने की कोशिश भी है कि Bhujbal का प्रभाव अब भी उनके क्षेत्र में मजबूत बना हुआ है।
राज्यसभा उम्मीदवारी से पहले बनी थी रणनीति
NCP Leader Maharashtra: सूत्रों के अनुसार, इस बार NCP नेतृत्व Chhagan Bhujbal को राज्यसभा भेजने की तैयारी कर रहा था। पार्टी के भीतर इस पर शुरुआती चर्चाएं भी हुई थीं। बताया जाता है कि जब इस संबंध में भुजबल से बातचीत हुई, तो उन्होंने एक शर्त रखी थी। उन्होंने कहा था कि वे राज्यसभा तभी स्वीकार करेंगे जब उनके भतीजे Sameer Bhujbal को महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाया जाएगा।
इस प्रस्ताव को पार्टी स्तर पर आगे बढ़ाया गया और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis तक भी यह बात पहुंची। फडणवीस ने इस पर कहा था कि वे दिल्ली स्तर पर चर्चा कर निर्णय से अवगत कराएंगे।
दिल्ली से नहीं मिली मंजूरी, फंसा मामला
हालांकि, मामला दिल्ली पहुंचने के बाद स्थिति बदल गई। वहां से यह संकेत मिला कि केवल एक व्यक्ति के राजनीतिक लाभ के लिए मंत्रिमंडल विस्तार या विशेष शपथ ग्रहण संभव नहीं है। इसी कारण भुजबल की शर्त पर सहमति नहीं बन सकी और प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाया। इसके बाद पार्टी ने अंतिम रूप से Rajendra Jain को उम्मीदवार घोषित कर दिया।
राज्यसभा की यह सीट उपमुख्यमंत्री Sunetra Pawar के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिसके लिए उपचुनाव 18 जून को प्रस्तावित है।
भुजबल का बयान और अपनी इच्छा का खुला इज़हार
इस पूरे घटनाक्रम के बीच Chhagan Bhujbal ने मीडिया से बातचीत में अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। उन्होंने कहा था कि उन्होंने राज्यसभा जाने की इच्छा पहले भी जताई थी और यह भी सुझाव दिया था कि राजनीतिक परिवारों के लिए जो मानदंड लागू होते हैं, वही उनके मामले में भी अपनाए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा था, मैं राज्यसभा जाना चाहता हूं, मैं लोकसभा भी जाना चाहता हूं। कई बार अवसर आए, लेकिन मुझे मौका नहीं मिला। भुजबल ने यह भी जोड़ा कि लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने के बावजूद उन्हें उचित राजनीतिक अवसर नहीं मिल पाए हैं और उनकी Rajya Sabha Bid भी सफल नहीं हो सकी।
मैं कबड्डी खिलाड़ी हूं, शतरंज खिलाड़ी नहीं वाला बयान चर्चा में
अपने बयान में भुजबल ने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस स्थिति से नाराज नहीं हैं। उन्होंने कहा, मैं नाराज नहीं हूं। मुझे क्यों नाराज होना चाहिए अगर आज नहीं, तो कल, अगर कल नहीं, तो परसों मौका मिलेगा। इसी दौरान उन्होंने एक दिलचस्प तुलना करते हुए कहा था, मैं कबड्डी खिलाड़ी हूं, शतरंज खिलाड़ी नहीं। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में उनके सीधे और आक्रामक अंदाज के रूप में देखा जा रहा है।
समर्थकों में असंतोष, आगे के फैसले पर नजर
Rajendra Jain को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद भुजबल के समर्थकों में असंतोष बढ़ता दिख रहा है। येवला और आसपास के क्षेत्रों में लगे पोस्टरों ने इस असंतोष को और अधिक सार्वजनिक कर दिया है। समर्थकों की मांग है कि भुजबल अब अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट और बड़ा निर्णय लें।
फिलहाल स्थिति यह है कि NCP के इस फैसले के बाद पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि Chhagan Bhujbal आने वाले दिनों में कोई राजनीतिक कदम उठाते हैं या फिर अपनी Rajya Sabha Bid को लेकर पार्टी के भीतर ही संतुलन बनाकर आगे बढ़ते हैं।
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