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Nitesh Rane को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने जेल की सजा रोकी

Nitesh Rane को मिली बड़ी राहत, बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनकी एक महीने की जेल की सजा पर रोक लगाई। इस फैसले से उनके विधायक और मंत्री पद पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

Nitesh Rane को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने जेल की सजा रोकी
फोटो: Bombay High Court stay, Nitesh Rane relief
महाराष्ट्र के मंत्री और विधायक नितेश राणे को बड़ी राहत मिली है। साल 2019 में हुए एक विवादित घटनाक्रम में उन्हें एक महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन अब बॉम्बे हाईकोर्ट की कोल्हापुर बेंच ने इस सजा को लागू करने पर रोक लगा दी है। इस निर्णय के बाद राणे को फिलहाल जेल नहीं जाना होगा और उनकी राजनीतिक जिम्मेदारियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा, जिससे कानूनी और राजनीतिक तौर पर Nitesh Rane relief भी मिला।

Nitesh Rane को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट की रोक

Nitesh Rane relief: स्थानीय अदालत ने देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री रहे नितेश राणे को 27 अप्रैल 2026 को एक महीने की जेल की सजा सुनाई थी। यह सजा उस विवादित घटना के सिलसिले में थी, जब राणे ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के एक इंजीनियर पर कीचड़ फेंका था, लेकिन अब बॉम्बे हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बाद नितेश राणे को मिली बड़ी राहत। 

राणे ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ तुरंत बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोल्हापुर बेंच ने उनके याचिका पर विचार करते हुए सजा को स्थगित कर दिया। इससे राणे को फिलहाल जेल जाने की जरूरत नहीं है।

सजा का विधायक पद पर असर नहीं 

Nitesh Rane relief: जन प्रतिनिधियों की पात्रता को लेकर पीपल्स रिप्रेजेंटेशन एक्ट में नियम तय हैं कि यदि किसी जन प्रतिनिधि को दो साल या उससे अधिक की जेल की सजा होती है, तो उन्हें इस्तीफा देना पड़ता है। चूंकि राणे को केवल एक महीने की सजा मिली थी और उस पर भी स्थगन हो चुका है, इसलिए उनके विधायक या मंत्री पद पर कोई असर नहीं पड़ेगा, यानी नितेश राणे को मिली बड़ी राहत।

इस राहत के बाद राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि राणे अपनी जिम्मेदारियों को बिना किसी कानूनी बाधा के जारी रख पाएंगे।

2019 की विवादित घटना 

Bombay High Court stay: मामला जुलाई 2019 का है। तत्कालीन विधायक नितेश राणे कणकवली क्षेत्र में मुंबई-गोवा हाइवे की खराब स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे। वहाँ स्थानीय लोग सड़क की खराब स्थिति और गड्ढों के कारण नाराज थे।

इस दौरान नितेश राणे और उनके समर्थकों ने NHAI के एक इंजीनियर को बुलाया। लेकिन राणे ने उस NHAI इंजीनियर के साथ दुर्व्यवहार किया और उस पर कीचड़ फेंक दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया।

कानूनी कार्रवाई और दर्ज मामले 

घटना के बाद पुलिस ने नितेश राणे और उनके कई समर्थकों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। इनमें शामिल हैं: धारा 353 - सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने के लिए बल का प्रयोग धारा 504 - शांति भंग करना धारा 506 - आपराधिक धमकी राणे को तत्काल गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई और वह कोर्ट के माध्यम से बाहर आ गए।

राणे की प्रतिक्रिया 


इस घटना को लेकर नितेश राणे ने बताया था कि उनका यह कदम जनता की परेशानियों को दिखाने के उद्देश्य से था। उन्होंने कहा कि उनका मकसद सरकारी अधिकारियों को सजा देना या नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि सड़क की खराब हालत पर ध्यान आकर्षित करना था।

निचली अदालत के फैसले के बाद राणे ने तुरंत बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, जिससे अब उन्हें राहत मिल गई है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया 

सजा पर रोक लगने के बाद राजनीतिक और सामाजिक रूप से चर्चा तेज हो गई है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि हाईकोर्ट का यह कदम न्यायिक प्रक्रिया और जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। 

विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि राणे की राजनीतिक छवि पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा और वे अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों को बिना किसी बाधा के निभा पाएंगे।

बॉम्बे हाईकोर्ट की कोल्हापुर बेंच ने नितेश राणे की एक महीने की जेल की सजा को स्थगित कर उन्हें बड़ी राहत दी है। 2019 में कीचड़ फेंकने के मामले में यह फैसला राजनीतिक और कानूनी दृष्टि से अहम माना जा रहा है। फिलहाल राणे के विधायक या मंत्री पद पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है और उनकी राजनीतिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रहेंगी।

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