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फारूक अब्दुल्ला ने हिंदू मतदाताओं के नाम हटाने पर किया सवाल

फारूक अब्दुल्ला ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए।

फारूक अब्दुल्ला ने हिंदू मतदाताओं के नाम हटाने पर किया सवाल
फोटो: Farooq Abdullah Questions Removal of Hindu Voters' Names

मतदाता सूची में नाम कटने पर सवाल

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के SIR प्रक्रिया के तहत एक करोड़ से अधिक हिंदू मतदाताओं के नाम हटाए जाने की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इस संदर्भ में प्रश्न उठाते हुए कहा कि क्या ये हिंदू मतदाता भी पाकिस्तानी माने जाएंगे?


दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली में बोलते हुए अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस मुसलमानों की देशभक्ति पर संदेह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को बार-बार पाकिस्तानी कहकर उनकी वफादारी पर प्रश्नचिह्न लगाया जाता है, जबकि उन्होंने भी देश के लिए बलिदान दिया है।


चुनाव आयोग पर निशाना

फारूक अब्दुल्ला ने चुनाव आयोग को भी कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि सरकार SIR के माध्यम से घुसपैठियों के नाम हटाने का दावा कर रही है, जबकि इसके विपरीत उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक हिंदू मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं।


उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या ये लोग भी घुसपैठिए या पाकिस्तानी माने जाएंगे? अब्दुल्ला ने इसे वोट चोरी का मामला बताते हुए कहा कि हर धर्म का व्यक्ति भारत का नागरिक है और उसे देश में रहने का अधिकार है।


संविधान और समानता का महत्व

फारूक अब्दुल्ला ने संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए हैं और किसी भी भारतीय को उसके मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। उन्होंने लोगों से एकजुट रहने और डरने के बजाय अपने अधिकारों की रक्षा करने की अपील की।


उन्होंने यह भी दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था और हमेशा रहेगा। अब्दुल्ला ने अपने भाषण का समापन 'जय हिंद' के नारे के साथ किया।


महबूबा मुफ्ती का बयान

रैली में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संविधान को धीरे-धीरे कमजोर किया जा रहा है और देश की संपत्तियों को एक कारोबारी मित्र को सौंपा जा रहा है, जबकि गरीबों की अनदेखी की जा रही है।


महबूबा मुफ्ती ने रैली में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर बदलाव की दिशा में कदम नहीं उठाए गए, तो यह समय बहुत देर हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉरपोरेट घरानों को बेहद कम कीमत पर भूमि दी जा रही है और सरकार ने रोजगार के वादे भी पूरे नहीं किए हैं।