कांग्रेस की सरकारों को दिया इस्तीफे का विकल्प
सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यदि कांग्रेस की सरकारें केरल, कर्नाटक और तेलंगाना में इस्तीफा देती हैं, तो वह मतपत्रों के माध्यम से चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन राज्यों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में कथित तौर पर 'वोट चोरी' के जरिए सरकारें स्थापित की गई थीं।
सरमा ने राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, 'अगर राहुल गांधी और कांग्रेस अपने सरकारों के इस्तीफे के लिए तैयार हैं, तो मैं मतपत्रों के जरिए चुनाव लड़ने को तैयार हूं।' उन्होंने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि इन राज्यों में लोकतंत्र की स्थिति चिंताजनक है।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण की आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का समर्थन करते हुए कहा कि यह जनसांख्यिकीय बदलावों पर नियंत्रण रखने के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा, 'भारत में एसआईआर की आवश्यकता है। बड़े पैमाने पर अवैध प्रवास के कारण असम, पश्चिम बंगाल और झारखंड की जनसांख्यिकी में बदलाव आ रहा है।'
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हम मतदाता सूची से अवैध प्रवासियों के नाम नहीं हटाते हैं, तो भारत की जनसांख्यिकी प्रभावित होगी। सरमा ने एसआईआर की प्रक्रिया हर पांच साल में आयोजित करने की आवश्यकता भी बताई, जिससे भारतीय लोकतंत्र को सुरक्षित रखा जा सके।
कांग्रेस पर विदेशी ताकतों के इशारे पर चलने का आरोप
हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'वे सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं और भारत को नेपाल और बांग्लादेश जैसा बनाना चाहते हैं।'
यह चुनौती तब सामने आई है, जब कांग्रेस ने पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन किया है। कांग्रेस पार्टी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रही है।





