इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, 35, लोधी एस्टेट के ठीक सामने एक स्कूल स्थित है, जिसके चलते वहां अक्सर स्कूल वैन और अभिभावकों की निजी गाड़ियों की आवाजाही बनी रहती थी। यह स्थिति मायावती की Z+ सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बन गई थी।
एक वरिष्ठ बसपा पदाधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया, “जब-जब बहनजी आवास पर होती थीं, बम निरोधक दस्ते को सक्रिय किया जाता था, जिससे स्कूल और आसपास के निवासियों को असुविधा होती थी।”
दिल्ली पुलिस ने किसी विशेष सुरक्षा खतरे की पुष्टि नहीं की, लेकिन उन्होंने माना कि Z+ सुरक्षा प्रदान करने वाली यूनिट को स्थानांतरण की जानकारी दी गई थी, और सुरक्षा में कोई कमी नहीं की गई है।
मायावती का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब 2024 के लोकसभा चुनावों में बीएसपी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। इसके चलते पार्टी की राष्ट्रीय दल के दर्जे पर भी सवाल उठने लगे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी मायने रखता है।
35, लोधी एस्टेट में स्थित यह बंगला वर्ग VII श्रेणी का सरकारी आवास है, जो आकार में दूसरा सबसे बड़ा होता है। इसमें दो दर्जन से अधिक कमरे हैं, जहां मायावती का निजी स्टाफ और सुरक्षा दल तैनात रहता था।
अब यह बंगला खाली हो चुका है और सुरक्षा बलों के लिए बनाए गए अस्थायी ढांचे भी हटा लिए गए हैं।
दिलचस्प तथ्य यह है कि बसपा का केंद्रीय कार्यालय (29, लोधी एस्टेट) और मायावती का पूर्व निवास (35, लोधी एस्टेट) एक ही सड़क पर स्थित थे। दोनों बंगलों का पिछले साल समान रूप से नवीनीकरण कराया गया था।





