सियासी समीकरणों में बदलाव
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के मद्देनजर नए राजनीतिक समीकरण उभरते दिख रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने स्पष्ट किया है कि वह आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के अलावा किसी अन्य दल के साथ गठबंधन करने के लिए तैयार है। यह बयान उस समय आया है जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिअद के बीच गठबंधन की चर्चाएं जोरों पर हैं। हालांकि, इस विषय पर दोनों दलों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा, 'हम एक क्षेत्रीय पार्टी हैं और हमारे लिए पंजाब का हित सर्वोपरि है। चाहे हम सरकार बनाएं या नहीं, हम पंजाब के लोगों के लिए संघर्ष करते रहेंगे। हमारी नजर में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पंजाब के सबसे बड़े दुश्मन हैं। इन पार्टियों के साथ हमारा कभी भी कोई गठबंधन नहीं हो सकता। लेकिन हम उन अन्य दलों के साथ गठबंधन को लेकर सकारात्मक हैं जिनकी विचारधारा और कार्यक्रम हमारे अनुरूप हैं।'
भाजपा की संभावनाएं
भाजपा ने वर्तमान में शिअद के साथ गठबंधन से इनकार किया है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 19 सितंबर को कहा था कि भाजपा अकाली दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी, और यदि भविष्य में ऐसा हुआ, तो सीटों का बंटवारा समान शर्तों के आधार पर होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा छोटे सहयोगी की भूमिका नहीं निभाएगी।
हालांकि, एक भाजपा नेता ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि गठबंधन की संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिअद हमारे पुराने सहयोगी हैं और उनके साथ गठबंधन की संभावना अधिक है। लेकिन सभी बातों का निर्भर बातचीत पर और मुद्दों पर होगा।
भाजपा का अकेले लड़ने का निर्णय
अगस्त में भाजपा ने यह घोषणा की थी कि वह किसी गठबंधन के बिना सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया ने दोहराया था कि भाजपा अपनी ताकत के बल पर सभी सीटों पर चुनाव में भाग लेगी। जब इस संदर्भ में पूछा गया कि क्या भाजपा का पंजाब विधानसभा चुनाव में कोई गठबंधन नहीं होगा, तो पूनिया ने स्पष्ट रूप से कहा, 'हां, सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने का यही मतलब है।'
यह ध्यान देने योग्य है कि भाजपा और शिअद के बीच पहले भी गठबंधन था, लेकिन 2020 में कृषि कानूनों के विवाद के कारण यह संबंध टूट गया। उसके बाद, दोनों दलों ने 2027 में अलग-अलग चुनाव लड़ा, जिसमें आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल की और कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही।





