अभिजीत दीपके का आरोप
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिका के साथ संबंधों को संभालने के तरीके पर प्रश्न उठाया है। उन्होंने पिछले एक वर्ष में भारत और अमेरिका के बीच हुए तीन महत्वपूर्ण घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि मोदी ने ये सभी फैसले अमेरिका के दबाव में लिए हैं।
दीपके ने यह भी कहा कि कुछ लोग विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी पर विदेशी ताकतों के इशारे पर चलने का आरोप लगाते हैं।
सोशल मीडिया पर उठाए मुद्दे
दीपके ने अपने एक पोस्ट में लिखा कि 'यह मोदी ही थे, जिन्होंने अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ को घटाकर शून्य करने पर सहमति जताई। मोदी ने 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान की खरीद का वादा किया था। इसके अलावा, मोदी ने ट्रंप के कहने पर रूस से तेल खरीदना बंद करने पर सहमति दी।'
हालांकि, भारत सरकार ने कभी भी यह स्वीकार नहीं किया कि उसने रूस से तेल खरीद रोकने पर सहमति जताई है। विदेश मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के अनुसार कदम उठाएगा।
बीजेपी का मौन और अमेरिका के साथ संबंध
दीपके के आरोपों का भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक उत्तर नहीं आया है। यह ध्यान देने योग्य है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में गिरावट देखने को मिली थी। ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ लगाने का निर्णय लिया था, जिसके बाद टैरिफ को कम करने का निर्णय लिया गया।
हालांकि, इस मामले में एक पक्की डील की गुंजाइश अभी भी बनी हुई है। दोनों देशों के बीच किसी भी प्रकार की आधिकारिक डील नहीं हुई है।
व्यापारिक साझेदारी और ऊर्जा खरीद
प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान व्यापारिक साझेदारी की खरीद पर जोर दिया गया था। इस दौरान 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान की खरीद पर सहमति जताई गई थी, लेकिन इसमें कोई आधिकारिक मुहर नहीं थी।
अभिजीत दीपके द्वारा उठाए गए रूसी तेल के मुद्दे पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कई बार अपनी स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय ने कहा है कि भारत अपनी जरूरतों के अनुसार ही तेल की खरीद करेगा और कभी भी यह आधिकारिक रूप से नहीं कहा गया कि रूस से तेल खरीद बंद की जाएगी। इसके विपरीत, हाल के समय में भारत ने रूस से तेल खरीद में वृद्धि की है।





