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Delhi की सड़कों पर उतरा विपक्ष: वरिष्ठ पत्रकार आदेश रावल का बड़ा बयान, 'सरकार का इकबाल अब खत्म'

दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन पर बोले आदेश रावल- सड़क ना बोले तो संसद आवारा हो जाती है। मीडिया और विपक्ष पर दबाव बढ़ा।

Delhi की सड़कों पर उतरा विपक्ष: वरिष्ठ पत्रकार आदेश रावल का बड़ा बयान, 'सरकार का इकबाल अब खत्म'
फोटो: Aadesh Rawal Interview, The Molitics Show, Dekhi Jaegi Molitics, Delhi Opposition Protest, India Alliance March

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की सड़कों पर विपक्षी 'इंडिया गठबंधन' (INDIA Alliance) का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब से लेकर बाराखंभा रोड तक कार्यकर्ताओं, छात्र संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। इस जमीनी स्थिति का जायजा लेते हुए 'द मोलिटिक्स शो' (The Molitics Show) के खास कार्यक्रम 'देखी जाएगी' के लिए वरिष्ठ पत्रकार और कंसल्टिंग एडिटर आदेश रावल ने मौजूदा राजनीतिक माहौल और मीडिया पर बढ़ते दबाव पर खुलकर बात की।

 

'सड़क ना बोले तो संसद आवारा हो जाती है'

बातचीत के दौरान आदेश रावल ने राहुल गांधी के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने इस विरोध प्रदर्शन को 'शिव जी की बारात' बताया था, जहाँ समाज का हर वर्ग और हर राजनीतिक दल शामिल हो सकता है। आदेश रावल के अनुसार, आज देश के जमीनी हालात तेजी से बदल रहे हैं। छोटे शहरों से लेकर बड़े शहरों तक जनता का असंतोष सड़कों पर दिख रहा है और दिल्ली हमेशा से ऐसे आंदोलनों की नींव रखती आई है।

 

निष्पक्ष मीडिया और पत्रकारों को बनाया जा रहा निशाना

सड़क पर रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों के साथ हो रही बदसलूकी और पुलिस की कार्रवाई पर चिंता जताते हुए आदेश रावल ने कहा कि आज देश में निष्पक्ष पत्रकारिता करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा:

"पहले मेनस्ट्रीम मीडिया की क्रेडिबिलिटी खत्म की गई और अब जब अल्टरनेट (डिजिटल/सोशल) मीडिया जनता की आवाज उठा रहा है, तो उसे निशाना बनाया जा रहा है। पत्रकारों को टारगेट करके रोका जा रहा है, सोशल मीडिया पेज suspended या block किए जा रहे हैं।"

 

'विपक्ष के लिए अब यह अस्तित्व की लड़ाई है'

विपक्षी एकजुटता पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी (SP), आरजेडी (RJD), वामपंथी दलों और कांग्रेस के छात्र संगठनों (NSUI, AISA) का एक साथ आना केवल विरोध नहीं, बल्कि विपक्ष के अस्तित्व (Survival) की लड़ाई है। उन्होंने क्षेत्रीय दलों का उदाहरण देते हुए कहा कि जो एकजुट नहीं हुए, बीजेपी ने उनका राजनीतिक आधार समाप्त कर दिया है।

आदेश रावल ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि जिस तरह यूपीए-2 के दौर में सरकार का इकबाल खत्म हुआ था, वही स्थिति आज केंद्र सरकार की देखने को मिल रही है और यह जनता का हुजूम सत्ता के सामने आईना पेश कर रहा है।

इस पूरी खबर को वीडियो फॉर्मेट में देखिए के लिए, क्लिक करें नीचे दिए गए लिंक पर - https://youtu.be/HOhlFNSgpEU?si=8_hZMYYfsHv_ItOE

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