विद्यार्थियों के लिए नैतिक शिक्षा जरूरी : शिक्षा मंत्री
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विद्यार्थियों के लिए नैतिक शिक्षा जरूरी : शिक्षा मंत्री

By Prabhatkhabar calender  06-Sep-2019

विद्यार्थियों के लिए नैतिक शिक्षा जरूरी : शिक्षा मंत्री

शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव ने कहा कि शिक्षक बच्चों को केवल शिक्षा नहीं, बल्कि संस्कारयुक्त शिक्षा दें. बिना संस्कार की शिक्षा का कोई अर्थ नहीं है. 
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बच्चों के लिए नैतिक शिक्षा जरूरी है. शिक्षा मंत्री ने उक्त बातें गुरुवार को जैक सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह कही. उन्होंने कहा कि शिक्षक कभी रिटायर नहीं होते, उनकी जरूरत सेवानिवृत्ति के बाद भी होती है. राज्य के ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल बेहतर कर रहे हैं. उन्होंने विभागीय सचिव को प्रति वर्ष शिक्षक समागम आयोजित करने को कहा.
 
 शिक्षा परियोजना के निदेशक उमाशंकर सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा कई नयी योजनाओं की शुरुआत की गयी है. विभाग का यह प्रयास है कि राज्य का हर विद्यालय उत्कृष्ट बने. स्कूलों की समस्याओं के समाधान के लिए ऑनलाइन सिस्टम डेवलप किया गया है. 
 
मौके पर जैक अध्यक्ष डॉ अरविंद प्रसाद सिंह, माध्यमिक शिक्षा निदेशक जटाशंकर चौधरी, प्राथमिक शिक्षा निदेशक आदित्य कुमार आनंद, अवर सचिव गरिमा सिंह समेत अन्य अफसर व राज्य भर से आये शिक्षक उपस्थित थे. मौके पर संताली भाषा की कक्षा तीन से पांच तक की आेलचिकी लिपि में तैयार पुस्तक का लोकार्पण किया गया. 
 
इसके अलावा 2015-16 में कक्षा एक से आठ तक की पुस्तक लिखने वाले 155 शिक्षकों को सम्मानित किया गया.स्व मूल्यांकन करें शिक्षक : स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव एपी सिंह ने कहा कि शिक्षक दिवस पर शिक्षक स्व मूल्यांकन करें. स्व मूल्यांकन से बड़ा कोई मूल्यांकन नहीं होता. पिछले एक वर्ष में 13 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है. शिक्षकों की लगभग सभी समस्याओं का समाधान कर दिया गया है. राष्ट्रीय उपलब्धि परीक्षा में झारखंड को राष्ट्रीय स्तर पर सातवां स्थान प्राप्त हुआ है.
 
दो शिक्षकों को मिले 25-25 हजार : राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित दो शिक्षकों मनोज कुमार चौबे (चतरा) व श्वेता शर्मा (देवघर) को 25-25 हजार व जिला स्तरीय पुरस्कार पाने शिक्षकों को 15-15 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया. इनमें संजय कुमार (बोकारो), शिल्पा गुप्ता (चाईबासा), नंददेव राम (लातेहार), शिप्रा (जमशेदपुर), प्रवीण कुमार सिन्हा (गिरिडीह), ममता कुमारी (गढ़वा).
 
मध्याह्न भोजन के लिए दो विद्यालय पुरस्कृत
 
बेहतर मध्याह्न भोजन संचालन के लिए दो विद्यालयों को पुरस्कृत किया गया. उत्क्रमित मध्य विद्यालय हुहुवा रामगढ़ को प्रथम व प्राथमिक विद्यालय मालबांधी बहरागोड़ा को द्वितीय पुरस्कार मिला. पुरस्कार स्वरूप क्रमश: 25 हजार व 15 हजार रुपये का चेक दिया गया.
 
दो विद्यालयों को एक-एक लाख रुपये
 
राष्ट्रीय बैंड प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले डब्ल्यू जॉन मल्टी परपस स्कूल को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया. वहीं मार्च पास्ट व बैंड प्रदर्शन के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय रामगढ़ को एक लाख, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय ओरमांझी को 75 हजार व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय खूंटी को 50 हजार रुपये का चेक, प्रमाण पत्र व मेडल दिया गया. 
 
वहीं उच्च विद्यालय लिट्टीपाड़ा पाकुड़ के छात्र सूरज कुमार को एक लाख रुपये का चेक दिया गया. सूरज ने विज्ञान प्रदर्शनी में सोलर साइकिल बनायी थी. सूरज का मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर चयनित किया गया था.
 
संध्या और सच्चिदानंद को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
 
नयी दिल्ली : शिक्षक दिवस के अवसर  पर ओड़िया मध्य विद्यालय, आदित्यपुर की शिक्षिका संध्या प्रधान और जेएनवी लातेहार के सच्चिदानंद सिन्हा को गुरुवार को  दिल्ली में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया. दोनों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रशस्ति पत्र व मेडल दिया. उन्हें पुरस्कारस्वरुप 50 हजार रुपये का चेक भी दिया गया. मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी उपस्थित थे. देश भर के कुल 46 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार दिया गया.

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