Delhi assembly Election: केजरीवाल सरकार का दावा, दिल्ली के लोगों को मिल रही सबसे सस्ती बिजली
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Delhi assembly Election: केजरीवाल सरकार का दावा, दिल्ली के लोगों को मिल रही सबसे सस्ती बिजली

By Jagran calender  05-Sep-2019

Delhi assembly Election: केजरीवाल सरकार का दावा, दिल्ली के लोगों को मिल रही सबसे सस्ती बिजली

उत्तर प्रदेश में बिजली के दाम बढ़ाए जाने को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर निशाना साधा है। AAP ने कहा कि दिल्ली सरकार ने जहां बिजली के दाम कम किए हैं। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार बिजली के दामों में बढोतरी कर रही है। यही नहीं देशभर में सबसे सस्ती बिजली भी राजधानी दिल्ली में ही मिल रही है, जबकि भाजपा शासित राज्यों में बिजली महंगी हो रही है।
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सरकार का दावा, राजधानी में हो रही है 24 घंटे बिजली की आपूर्ति
ऊर्जा विभाग द्वारा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सौंपी गई एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दिल्ली सरकार के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि पिछले साढ़े चार साल की कड़ी मेहनत के बाद केजरीवाल ने अपने वादे को पूरा किया है। उन्होंने दावा किया कि अब दिल्लीवासियों को देश में सबसे सस्ती और 24 घंटे बिजली मिल रही है। 2015 में सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री ने बिजली-पानी को लेकर अभियान शुरू किया था।
यूपी-हरियाणा की तुलना में दिल्ली में बिजली सस्ती
दिल्ली की बिजली के दाम से एनसीआर के गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद, गुरुग्राम और मुंबई की बिजली के दाम से तुलना करें तो ये बात स्पष्ट तौर पर सामने आती है कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार देश में सबसे सस्ती बिजली मुहैया करा रही है, जबकि मंगलवार को ही उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली की दरों में 12 फीसद इजाफे की घोषणा की है। साल 2014-15 तक हर साल परंपरागत तौर पर दिल्ली में बिजली के दाम बढ़ते रहते थे। बिजली कंपनियां जो अपना खर्च बताती थीं उसके हिसाब से बिजली के दाम बढ़ा दिए जाते थे।
राजनीतिक इच्छा शक्ति से हुआ संभव
अधिकारी ने बताया कि केजरीवाल सरकार ने बिजली कंपनियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए बता दिया था कि उनके द्वारा पेश किए जा रहे अपने घाटे के फर्जी आंकड़ों को सरकार स्वीकार नहीं करेगी। बिजली कंपनियों के खातों की कैग द्वारा जांच के आदेश दिए गए थे। दिल्ली, देश का पहला राज्य है, जिसने बिजली कटौती होने पर बिजली कंपनियों पर जुर्माना लगाने का फैसला किया। केजरीवाल सरकार की तरफ से पिछले पांच साल में डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर (ट्रांसफॉर्मर इत्यादि) में भारी निवेश किया गया ताकि दिल्ली के हर कोने को 24 घंटे बिजली मिले।

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