सीएम मनोहर लाल के पार्टी में बढ़े कद का दिखा असर, रथ यात्रा में सीएम के साथ चले इंद्रजीत
Latest News
bookmarkBOOKMARK

सीएम मनोहर लाल के पार्टी में बढ़े कद का दिखा असर, रथ यात्रा में सीएम के साथ चले इंद्रजीत

By Bhaskar calender  01-Sep-2019

सीएम मनोहर लाल के पार्टी में बढ़े कद का दिखा असर, रथ यात्रा में सीएम के साथ चले इंद्रजीत

कहा जाता है कि राजनीति में कोई किसी का स्थाई दोस्त या दुश्मन नहीं होता। राव इंद्रजीत की सीएम से दुश्मनी तो नहीं थी लेकिन वे उनके दोस्त भी नहीं रहे। जब से सीएम मनोहर लाल ने प्रदेश की कमान संभाली बेहद कम मौके आए जब ये दोनों नेता एक साथ नजर आए। टाइम-टाइम पर इंद्रजीत के मन की खटास मंचों से सामने आती रही है। लेकिन सीएम मनोहर लाल की रथ यात्रा में पहुंचे इंद्रजीत ने सब को चौंका दिया। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह खट्टर के बढ़े कद का असर है, जो इंद्रजीत उनके साथ जन आशीर्वाद यात्रा के रथ पर नजर आए।  
देवीलाल जयंती समारोहों में उमड़ने वाली भीड़
शनिवार को सीएम मनोहर लाल खट्टर की रथ यात्रा जैसे ही धारूहेड़ा पहुंची सांसद राव इंद्रजीत वहीं से शामिल हुए। वे सीएम के रथ पर सवार होकर बावल, रेवाड़ी व अटेली तक साथ गए। उनकी बेटी आरती राव ने गोपाल देव चौक पर कार्यक्रम भी आयोजित किया। वहीं कुछ दिन पहले तक यह हालत थी कि रेवाड़ी के डहीना में सम्मान रैली के दौरान कोसली के विधायक विक्रम यादव ने सीएम मनोहर लाल की तारीफ कर दी थी तो इंद्रजीत ने उनका भाषण रुकवा दिया था और उन्हें नीचे बैठा दिया था। यही नहीं उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इलाके के विकास कार्य किसी की चापलूसी से नहीं, बल्कि हमारे रुतबे की वजह से हुए हैं। सीएम जब जीत के बाद राव इंद्रजीत के संसदीय क्षेत्र में धन्यवादी दौरा करने आए तो राव इंद्रजीत ने यह कहकर कार्यक्रम में जाने से मना कर दिया था कि उन्हें कोई न्यौता नहीं मिला है। 
लेकिन अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि धारा 370 हटाए जाने के बाद हरियाणा आए अमित शाह ने सीएम मनोहर लाल के कामों की तारीफ और उनके दोबारा सीएम कैंडिडेट घोषित करने से उनके कद में इजाफा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा में ही मौजूद राव इंद्रजीत के विरोधी खेमे की नजदीकियां भी सीएम से है। इंद्रजीत बेटी आरती राव को टिकट दिलाने के लिए भी पूरा जोर लगा रहे हैं। इन वजहों से चुनाव से पहले राव इंजद्रीत सीएम के पास-पास नजर आ रहे हैं। कुछ गलियारों में यह भी चर्चा है कि पिछले दिनों आलाकमान ने भी इंद्रजीत को संभलकर बोलने के आदेश दिए हैं, जिस वजह से उनके तेवर कम हुए हैं। वजह जो भी हो लेकिन इन दोनों नेताओं का नजदीक आना भाजपा के लिए चुनाव में जरूर फायदेमंद साबित होगा।

MOLITICS SURVEY

क्या संतोष गंगवार के बयान का असर महाराष्ट्र चुनाव में होगा ?

हाँ
  50%
नहीं
  50%
पता नहीं
  0%

TOTAL RESPONSES : 2

Raise Your Voice
Raise Your Voice 

Suffering From Problem In Your Area ? Now Its Time To Raise Your Voice And Make Everyone Know