Jharkhand Assembly Election 2019: कांग्रेस की जंबो टीम के सामने फिर पुरानी चुनौतियां
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Jharkhand Assembly Election 2019: कांग्रेस की जंबो टीम के सामने फिर पुरानी चुनौतियां

By Jagran calender  31-Aug-2019

Jharkhand Assembly Election 2019: कांग्रेस की जंबो टीम के सामने फिर पुरानी चुनौतियां

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की जंबो टीम के सामने वही पुरानी चुनौतियां हैं। एक अध्यक्ष और पांच कार्यकारी अध्यक्ष के बन जाने के बाद प्रदेश में उपाध्यक्ष, महासचिव जैसे कई महत्वपूर्ण पद रिक्त हैं और इसके लिए नेताओं ने अभी से लॉबिंग करनी शुरू कर दी है। हालांकि अभी पुनर्गठन के सवाल पर पार्टी में चुप्पी है। पार्टी फिलहाल प्रदेश अध्यक्ष और प्रवक्ताओं की टीम के सहारे ही काम चला रही है।
नियमानुसार नए अध्यक्ष के आते ही पुरानी कमेटी भंग हो जाती है और इसका पुनर्गठन होता है लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। कुछ पद रिक्त हुए हैं लेकिन उनकी भरपाई अभी नहीं हो पाई है। सूत्र बताते हैं कि चुनाव तक चुप्पी बरती जाएगी और इसी टीम से विधानसभा चुनाव कार्यक्रम को पूरा किया जाएगा। फिलहाल प्रदेश उपाध्यक्ष और महासचिव जैसे पदों के लिए पार्टी नए लोगों को जिम्मेदारी देती है अथवा चुनाव तक चुप्पी बनाए रहती है, यह वक्त ही बताएगा।
प्रदेश कांग्रेस में लगभग एक दर्जन प्रवक्ता हैं और इन सभी का पद अभी बना ही रहेगा। पार्टी मुख्यालय से जारी निर्देश में समितियों के पुनर्गठन को लेकर स्पष्ट आदेश नहीं होने के कारण नई टीम इसमें छेड़छाड़ नहीं करने जा रही है। एक दर्जन प्रवक्ताओं में चार पैनलिस्ट भी हैं लेकिन अभी कांग्रेस के पैनलिस्ट मीडिया डिबेट में भाग नहीं ले रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इन्हें भी कुछ अलग जिम्मेदारी दी जाएगी।
 
दो पद और रिक्त हुए, इसके लिए भी चेहरों की तलाश
 
कांग्रेस की वर्तमान कमेटी में से दो पद और रिक्त हो गए हैं। राज्य के पांच जोनल कॉर्डिनेटरों में से एक केशव महतो कमलेश को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। इसके बाद जोनल कॉर्डिनेटर की जगह दूसरे नाम पर विचार किया जाना है। इसी प्रकार मीडिया कमेटी के चेयरमैन राजेश ठाकुर भी कार्यकारी अध्यक्ष बन गए हैं जिसके बाद इस पद के लिए भी नए चेहरे की तलाश की जा रही है।
 
जिलों में बैठकों का होगा आयोजन
 
चुनाव के पूर्व सभी जिलों की कोर टीम के साथ नए अध्यक्ष बैठक कर सकते हैं। यह बैठक जिले में भी होगी और रांची में भी कुछ जिलों को बुलाया जा सकता है। इसके बाद चुनावी तैयारियों का वास्तविक आकलन कर पार्टी केंद्र को रिपोर्ट करेगी। जिलों की बैठकें शीघ्र शुरू होने की बात भी कही जा रही है।
 
 

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