दिल्ली में कांग्रेस का संकट कैसे और गहराया, क्यों पद छोड़ना चाहते हैं चाको?
Latest News
bookmarkBOOKMARK

दिल्ली में कांग्रेस का संकट कैसे और गहराया, क्यों पद छोड़ना चाहते हैं चाको?

By Aaj Tak calender  30-Aug-2019

दिल्ली में कांग्रेस का संकट कैसे और गहराया, क्यों पद छोड़ना चाहते हैं चाको?

दिल्ली में विधानसभा चुनाव नजदीक है, मगर कांग्रेस के प्रदेश संगठन का संकट गहराता ही जा रहा है. 20 जुलाई को शीला दीक्षित के निधन के बाद बिना प्रदेश अध्यक्ष के चल रही कांग्रेस को अब पीसी चाको के पद छोड़ने के रूप में बड़ा झटका लग सकता है. उन्होंने प्रदेश प्रभारी पद छोड़ने की इच्छा जताई है.
चाको ने कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी से मुक्त करने की मांग की है. पार्टी सूत्र बता रहे हैं कि दिल्ली में नेताओं की गुटबंदी व कुछ अन्य कारणों से पीसी चाको अपने गृह राज्य केरल की राजनीति में लौटना चाहते हैं. अगर पीसी चाको भी पद छोड़ते हैं तो दिल्ली में कांग्रेस के सामने दोहरी चुनौती खड़ी होगी. नए प्रदेश अध्यक्ष के साथ प्रदेश प्रभारी की भी तलाश करनी होगी. कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के सामने चिंता इसलिए भी है कि चुनाव नजदीक आता जा रहा है. फरवरी में आम आदमी पार्टी का पांच साल का कार्यकाल खत्म होने वाला है. उससे पहले जनवरी में चुनाव की संभावना है.
चाको की रिपोर्ट पर होना है प्रदेश अध्यक्ष का फैसला
पीसी चाको के पद छोड़ने की पेशकश से कांग्रेस इसलिए भी परेशान है कि उन्हीं की रिपोर्ट पर दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति होनी है. कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रदेश प्रभारी पीसी चाको को दिल्ली के नेताओं से प्रदेश अध्यक्ष के नामों पर फीडबैक लेने की जिम्मेदारी दी थी. खुद यह बात पीसी चाको पूर्व में कह चुके हैं. स्थानीय नेताओं से बातचीत कर प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनकी पसंद जानकर पीसी चाको फिलहाल एक रिपोर्ट तैयार करने में जुटे हैं. 

अमित शाह सच्चे कर्मयोगी और भारत के असली लौह पुरुष हैं : मुकेश अंबानी
इस सिलसिले में पीसी चाको की दिल्ली में पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष से लेकर पूर्व सांसदों, विधायकों और जिलाध्यक्षों से मीटिंग हो चुकी है. बताया जा रहा है कि पीसी चाको की रिपोर्ट पर सोनिया गांधी नेताओं की इच्छा के आधार पर ऐसा प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करेंगी, जो कई गुटों पर बंटी दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी को एकजुट कर पार्टी को गति प्रदान कर सके. बीते मंगलवार को दिल्ली के 10 जिलाध्यक्षों ने सोनिया गांधी के साथ मीटिंग में जल्द प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करने की मांग की थी. ताकि विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति दी जा सके.
चाको को हो चुकी है हटाने की मांग
साढ़े चार साल से भी अधिक समय से पीसी चाको के दिल्ली के प्रदेश प्रभारी  रहने के दौरान कांग्रेस को 2015 के विधानसभा, 2017 के एमसीडी चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. जिस पर कांग्रेस की दिल्ली इकाई के कुछ नेताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हटाने की मांग की थी. पीसी चाको को पार्टी की दिल्ली इकाई के कुछ नेताओं का इन साढ़े चार वर्षों में विरोध सहना पड़ा है. नवंबर 2014 में प्रदेश प्रभारी बनाए गए पीसी चाको गुटों में बंटी कांग्रेस को भी एकजुट नहीं कर पाए. माना जा रहा है कि इन्हीं सब वजहों से उन्होंने पार्टी नेतृत्व से पद छोड़ने की इच्छा जताई है.
प्रदेश अध्यक्ष बनने की रेस में कई नेता
कांग्रेस आलाकमान को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के लिए सर्वमान्य चेहरा तलाशने में मुश्किल हो रही है.बताया जा रहा है कि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए जयप्रकाश अग्रवाल, योगानंद शास्त्री, महाबल मिश्रा, अरविंदर सिंह लवली, राजेश लिलोठिया रेस में हैं. हालांकि इस पद के लिए रेस में पंजाब से कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू का भी नाम सामने आ चुका है.

MOLITICS SURVEY

क्या संतोष गंगवार के बयान का असर महाराष्ट्र चुनाव में होगा ?

हाँ
  50%
नहीं
  50%
पता नहीं
  0%

TOTAL RESPONSES : 2

Raise Your Voice
Raise Your Voice 

Suffering From Problem In Your Area ? Now Its Time To Raise Your Voice And Make Everyone Know