BSP प्रत्याशी ने चुनावी जंग से पहले छोड़ा मैदान, अब राजभर पर भरोसा
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BSP प्रत्याशी ने चुनावी जंग से पहले छोड़ा मैदान, अब राजभर पर भरोसा

By Aaj Tak calender  30-Aug-2019

BSP प्रत्याशी ने चुनावी जंग से पहले छोड़ा मैदान, अब राजभर पर भरोसा

उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर की जलालपुर विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी ने मुकाबले से पहले ही चुनावी मैदान छोड़ दिया है. जलालपुर सीट से उपचुनाव के लिए बसपा अध्यक्ष मायावती ने पूर्व सांसद राकेश पांडेय को बुधवार को प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है. राकेश पांडेय के चुनावी मैदान छोड़ देने से बसपा के लिए यह सीट जीतना अब आसान नहीं होगा.
पूर्व सांसद राकेश पांडेय के चुनाव लड़ने से इनकार के बाद बसपा राष्ट्रीय महासचिव पूर्व मंत्री रामअचल राजभर के पुत्र संजय राजभर के चुनाव लड़ने की चर्चा है. 2017 में संजय अकबरपुर सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन सफल नहीं हो सके. माना जा रहा है कि राकेश पांडेय के चुनावी मैदान छोड़ने के बाद बसपा प्रमुख संजय राजभर पर दांव लगा सकती हैं.
बता दें कि राकेश पांडेय के पुत्र रितेश पांडेय जलालपुर विधानसभा सीट से 2017 में बसपा से विधायक चुने गए थे. लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में रितेश पांडेय ने अंबेडकरनगर संसदीय सीट से सांसद चुने जाने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके चलते जलालपुर विधानसभा सीट रिक्त हुई है.
जलालपुर विधानसभा क्षेत्र में 'पांडेय परिवार' की मजबूत पकड़ मानी जाती है. इसी के चलते पहले से ही माना जा रहा था कि बसपा 'पांडेय परिवार' से किसी सदस्य को चुनावी मैदान में उतारेगी. सूत्रों की मानें तो पूर्व सांसद राकेश पांडेय से पहले उनके बड़े बेटे आशीष पांडेय का नाम प्रत्याशी के तौर पर शामिल था. बसपा प्रमुख ने आशीष पांडेय को दिल्ली में होटल विवाद के चलते टिकट नहीं दिया था.
 बुधवार को बसपा प्रमुख मायावती ने  विधानसभा उपचुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की तो जलालपुर सीट से पूर्व सांसद राकेश पांडेय के नाम शामिल था. पूर्व सांसद ने गुरुवार को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से ही इनकार कर दिया.
सांसद रितेश पांडेय ने अपनी फेसबुक वॉल पर पिता राकेश पांडेय के चुनाव न लड़ने की जानकारी साझा की है. रितेश पांडेय ने अपने फेसबुक पर लिखा है कि पिछले आठ महीनों में उनके पिता के दो ऑपरेशन हुए हैं. हाल ही में दस दिन पहले दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में उनका ऑपरेशन हुआ है. इस कारण डॉक्टर ने उन्हें पूरी तरह से आराम करने को कहा है और थकने से मना किया है. इस कारण वह चुनाव नहीं लड़ेंगे.
 

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