सूखा राहत को 150 करोड़, तृतीय व चतुर्थवर्गीय नौकरियाें में गैर झारखंडियों की नो एंट्री; पढ़ें झारखंड कैबिनेट के फैसले
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सूखा राहत को 150 करोड़, तृतीय व चतुर्थवर्गीय नौकरियाें में गैर झारखंडियों की नो एंट्री; पढ़ें झारखंड कैबिनेट के फैसले

By Jagran calender  28-Aug-2019

सूखा राहत को 150 करोड़, तृतीय व चतुर्थवर्गीय नौकरियाें में गैर झारखंडियों की नो एंट्री; पढ़ें झारखंड कैबिनेट के फैसले

झारखंड में द्वितीय वर्ग के अराजपत्रित कर्मियों के साथ-साथ तृतीय और चतुर्थवर्गीय नौकरियों में अब बाहरी लोगों के पास कोई अवसर नहीं होगा। राज्य कैबिनेट ने निर्णय लिया कि पूर्व में जो लोग विभिन्न पदों के लिए आवेदन कर चुके थे, उन्हें भी अयोग्य माना जाएगा और उनकी आवेदन राशि लौटा दी जाएगी। स्थानीय नीति में इस संशोधन को तत्काल प्रभाव से लागू मानते हुए फिर से नौकरियों के लिए विज्ञापन निकालने का निर्देश दिया गया है। 
Violence in Kashmir because of Pak-sponsored terrorism: Rahul Gandhi
राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को इस निर्णय के साथ ही कुल 19 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की। इसमें पिछले वर्ष सूखा की चपेट में आए किसानों को राहत पैकेज के तहत 150 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई है। कैबिनेट ने हिंदी साहित्य, पत्रकारिता एवं सिविल सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कार देने को लेकर झारखंड राज्य राजभाषा तथा सिविल सेवा पुरस्कार नियमावली, 2019 के गठन की स्वीकृति प्रदान कर दी है। 
इसके तहत अटल स्मृति उदीयमान साहित्यकार और पत्रकारिता सम्मान दिया जाएगा। इसके तहत एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। साथ ही, अटल स्मृति उत्कृष्ट सिविल सेवा पुरस्कार दिया जाएगा, जिसके तहत मेडल और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। पुरस्कार राशि को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है। 
राज्य के 129 प्रखंडों के किसानों को मिलेगा लाभ 
पिछले वर्ष सुखाड़ प्रभावित 18 जिलों के 129 प्रखंडों में किसानों को राहत देने का प्रस्ताव था। वित्तीय वर्ष 2019-20 में कृषि इनपुट अनुदान के लिए राशि 349 करोड़ 22 लाख 47 हजार रुपये एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए चापाकल एवं नलकूपों इत्यादि की मरम्मत के लिए राशि 78 करोड़ 36 लाख 42 हजार रुपये अर्थात कुल 427 करोड़ 58 लाख 89 हजार रुपये की मांग की गई थी। इसमें से कृषि इनपुट अनुदान में 150 करोड़ रुपये झारखंड आकस्मिकता निधि (जेसीएफ) से बजटीय उपबंध किए जाने की स्वीकृति दी गई। 
गढ़वा में आठ गांव भवनाथपुर से हटकर कांडी अंचल में गए 
राज्य कैबिनेट ने गढ़वा जिले में दो अंचलों के पुनर्गठन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत भवनाथपुर से हटाकर आठ गांवों को कांडी अंचल में शामिल कर दिया गया है। इसके लिए अलग से एक राजस्व हल्का का गठन भी किया गया है। भवनाथपुर प्रखंड के कुल 3 पंचायत डुमरसोता, हरिहरपुर एवं मझिगांवा में स्थित कुल आठ राजस्व ग्रामों (हरिहरपुर, डगर, बतोखुर्द, रपूरा, डूमरसोता, दारिदह, श्रीनगर एवं मझिगांवा) को हल्का संख्या-10 के रूप में कांडी अंचल में सम्मिलित करने की स्वीकृति दी गई। 
देवघर में नई बाईपास के लिए 69 करोड़ रुपये स्वीकृत 
देवघर जिला अंतर्गत सत्संगनगर से  भिरखीबाद तक सड़क निर्माण के लिए रोहिणी नावाडीह, तिलजोरी, देवीपुर एवं चौधरीडीह के बाईपास (कुल लंबाई 10 किलोमीटर) के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। निर्माण कार्य के लिए 69 करोड़, 26 लाख, 69 हजार और 200 रुपये खर्च करने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। 
20 वर्ष सेवा दे चुके पत्रकारों को 7500 रुपये मासिक पेंशन 
कैबिनेट ने झारखंड पत्रकार सम्मान पेंशन नियमावली, 2019 के गठन को स्वीकृति दे दी है। इसके तहत झारखंड में लगातार 20 वर्ष अपनी सेवा देने वाले पत्रकारों को प्रतिमाह 7500 रुपये पेंशन और उनके निधन के उपरांत उनके आश्रित पत्नी/पति को पारिवारिक पेंशन दिए जाने की मंजूरी दी गई। पारिवारिक पेंशन की राशि मूल पेंशन से आधी होगी। यह पेंशन एक जनवरी 2015 से सेवानिवृत्त पत्रकारों के लिए लागू होगी, लेकिन राशि का भुगतान अधिसूचना की तिथि से होगी। 
15 तक करें हाई स्कूल शिक्षकों के रिक्त आरक्षित पदों पर नियुक्ति 
हाई स्कूल शिक्षक नियुक्ति में रिक्त रह गए पूर्व से कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों के आरक्षित पदों पर अब सीधी भर्ती के सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति होगी। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 15 सितंबर तक इन रिक्त पदों पर नियुक्ति करने का आदेश स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को दिया है। पेयजल एवं स्वच्छता तथा जल संसाधन मंत्री रामचंद्र सहिस ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में नियमावली में प्रावधान के बावजूद रिक्त रह गए पदों पर सीधी भर्ती से नियुक्ति नहीं होने का मामला उठाया, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने इस संबंध में आदेश दिया। इससे पहले, 30 जुलाई को सीधी भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंत्री के जनता दरबार में नियुक्ति की गुहार लगाई थी। 
बता दें कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) से हाई स्कूल शिक्षकों की हो रही नियुक्ति में 25 फीसद पद पूर्व से कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों के लिए आरक्षित रखे गए थे, जबकि 75 फीसद पद सीधी भर्ती से भरे जाने थे। आयोग द्वारा ली गई परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद प्राथमिक शिक्षकों के लिए आरक्षित पदों में से अधिसंख्य पद रिक्त रह गए। नियुक्ति नियमावली में इन आरक्षित पदों पर योग्य उम्मीदवार नहीं मिलने पर उन पदों को सीधी भर्ती के उम्मीदवारों से भरने का प्रावधान किया गया है, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा रहा था। 
इधर, विधानसभा की ध्यानाकर्षण समिति ने भी नियमावली के प्रावधान का हवाला देते हुए रिक्त आरक्षित पदों को सीधी भर्ती के अभ्यर्थियों से भरने की अनुशंसा की थी। विभाग ने इसपर विधि विभाग से परामर्श भी लिया, जिसमें भी इसपर सहमति प्रदान की गई। बताया जाता है कि प्राथमिक शिक्षकों के लिए आरक्षित लगभग चार हजार पद रिक्त रह गए हैं। इधर, सीधी भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंत्री रामचंद्र सहिस से मिलकर  कैबिनेट में मामला उठाने के लिए आभार प्रकट किया। 
कर्मचारी चयन आयोग फिर से जारी करेगा विज्ञापन 
राज्य कैबिनेट ने स्थानीय नीति में संशोधन को लागू करने के लिए पूर्व में निर्गत तमाम विज्ञापनों को तत्काल प्रभाव से रद करने का निर्देश दिया है। अब नौकरियों के लिए कर्मचारी चयन आयोग फिर से विज्ञापन जारी कर लोगों से आवेदन तलब करेगा। पूर्व में जिन गैर झारखंडी लोगों का आवेदन स्वीकृत किया गया था, उनका आवेदन अब रद होगा और उन्हें आवेदन की राशि लौटाई जाएगी। इस दौरान लगे समय के हिसाब से झारखंड के लोगों को उम्र सीमा में छूट देने का भी निर्णय लिया गया है। संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा के लिए नए सिरे से पूरी कार्रवाई की जाएगी। 
अन्य फैसले
झारखंड में द्वितीय वर्ग के अराजपत्रित कर्मियों के साथ-साथ तृतीय और चतुर्थवर्गीय नौकरियों में अब बाहरी लोगों के पास कोई अवसर नहीं होगा। राज्य कैबिनेट ने निर्णय लिया कि पूर्व में जो लोग विभिन्न पदों के लिए आवेदन कर चुके थे, उन्हें भी अयोग्य माना जाएगा और उनकी आवेदन राशि लौटा दी जाएगी। स्थानीय नीति में इस संशोधन को तत्काल प्रभाव से लागू मानते हुए फिर से नौकरियों के लिए विज्ञापन निकालने का निर्देश दिया गया है। 
राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को इस निर्णय के साथ ही कुल 19 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की। इसमें पिछले वर्ष सूखा की चपेट में आए किसानों को राहत पैकेज के तहत 150 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई है। कैबिनेट ने हिंदी साहित्य, पत्रकारिता एवं सिविल सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कार देने को लेकर झारखंड राज्य राजभाषा तथा सिविल सेवा पुरस्कार नियमावली, 2019 के गठन की स्वीकृति प्रदान कर दी है। 
इसके तहत अटल स्मृति उदीयमान साहित्यकार और पत्रकारिता सम्मान दिया जाएगा। इसके तहत एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। साथ ही, अटल स्मृति उत्कृष्ट सिविल सेवा पुरस्कार दिया जाएगा, जिसके तहत मेडल और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। पुरस्कार राशि को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है। 
राज्य के 129 प्रखंडों के किसानों को मिलेगा लाभ 
पिछले वर्ष सुखाड़ प्रभावित 18 जिलों के 129 प्रखंडों में किसानों को राहत देने का प्रस्ताव था। वित्तीय वर्ष 2019-20 में कृषि इनपुट अनुदान के लिए राशि 349 करोड़ 22 लाख 47 हजार रुपये एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए चापाकल एवं नलकूपों इत्यादि की मरम्मत के लिए राशि 78 करोड़ 36 लाख 42 हजार रुपये अर्थात कुल 427 करोड़ 58 लाख 89 हजार रुपये की मांग की गई थी। इसमें से कृषि इनपुट अनुदान में 150 करोड़ रुपये झारखंड आकस्मिकता निधि (जेसीएफ) से बजटीय उपबंध किए जाने की स्वीकृति दी गई। 
गढ़वा में आठ गांव भवनाथपुर से हटकर कांडी अंचल में गए 
राज्य कैबिनेट ने गढ़वा जिले में दो अंचलों के पुनर्गठन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत भवनाथपुर से हटाकर आठ गांवों को कांडी अंचल में शामिल कर दिया गया है। इसके लिए अलग से एक राजस्व हल्का का गठन भी किया गया है। भवनाथपुर प्रखंड के कुल 3 पंचायत डुमरसोता, हरिहरपुर एवं मझिगांवा में स्थित कुल आठ राजस्व ग्रामों (हरिहरपुर, डगर, बतोखुर्द, रपूरा, डूमरसोता, दारिदह, श्रीनगर एवं मझिगांवा) को हल्का संख्या-10 के रूप में कांडी अंचल में सम्मिलित करने की स्वीकृति दी गई। 
देवघर में नई बाईपास के लिए 69 करोड़ रुपये स्वीकृत 
देवघर जिला अंतर्गत सत्संगनगर से  भिरखीबाद तक सड़क निर्माण के लिए रोहिणी नावाडीह, तिलजोरी, देवीपुर एवं चौधरीडीह के बाईपास (कुल लंबाई 10 किलोमीटर) के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। निर्माण कार्य के लिए 69 करोड़, 26 लाख, 69 हजार और 200 रुपये खर्च करने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। 
20 वर्ष सेवा दे चुके पत्रकारों को 7500 रुपये मासिक पेंशन 
कैबिनेट ने झारखंड पत्रकार सम्मान पेंशन नियमावली, 2019 के गठन को स्वीकृति दे दी है। इसके तहत झारखंड में लगातार 20 वर्ष अपनी सेवा देने वाले पत्रकारों को प्रतिमाह 7500 रुपये पेंशन और उनके निधन के उपरांत उनके आश्रित पत्नी/पति को पारिवारिक पेंशन दिए जाने की मंजूरी दी गई। पारिवारिक पेंशन की राशि मूल पेंशन से आधी होगी। यह पेंशन एक जनवरी 2015 से सेवानिवृत्त पत्रकारों के लिए लागू होगी, लेकिन राशि का भुगतान अधिसूचना की तिथि से होगी। 
15 तक करें हाई स्कूल शिक्षकों के रिक्त आरक्षित पदों पर नियुक्ति 
हाई स्कूल शिक्षक नियुक्ति में रिक्त रह गए पूर्व से कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों के आरक्षित पदों पर अब सीधी भर्ती के सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति होगी। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 15 सितंबर तक इन रिक्त पदों पर नियुक्ति करने का आदेश स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को दिया है। पेयजल एवं स्वच्छता तथा जल संसाधन मंत्री रामचंद्र सहिस ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में नियमावली में प्रावधान के बावजूद रिक्त रह गए पदों पर सीधी भर्ती से नियुक्ति नहीं होने का मामला उठाया, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने इस संबंध में आदेश दिया। इससे पहले, 30 जुलाई को सीधी भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंत्री के जनता दरबार में नियुक्ति की गुहार लगाई थी। 
बता दें कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) से हाई स्कूल शिक्षकों की हो रही नियुक्ति में 25 फीसद पद पूर्व से कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों के लिए आरक्षित रखे गए थे, जबकि 75 फीसद पद सीधी भर्ती से भरे जाने थे। आयोग द्वारा ली गई परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद प्राथमिक शिक्षकों के लिए आरक्षित पदों में से अधिसंख्य पद रिक्त रह गए। नियुक्ति नियमावली में इन आरक्षित पदों पर योग्य उम्मीदवार नहीं मिलने पर उन पदों को सीधी भर्ती के उम्मीदवारों से भरने का प्रावधान किया गया है, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा रहा था। 
इधर, विधानसभा की ध्यानाकर्षण समिति ने भी नियमावली के प्रावधान का हवाला देते हुए रिक्त आरक्षित पदों को सीधी भर्ती के अभ्यर्थियों से भरने की अनुशंसा की थी। विभाग ने इसपर विधि विभाग से परामर्श भी लिया, जिसमें भी इसपर सहमति प्रदान की गई। बताया जाता है कि प्राथमिक शिक्षकों के लिए आरक्षित लगभग चार हजार पद रिक्त रह गए हैं। इधर, सीधी भर्ती के अभ्यर्थियों ने मंत्री रामचंद्र सहिस से मिलकर  कैबिनेट में मामला उठाने के लिए आभार प्रकट किया। 
कर्मचारी चयन आयोग फिर से जारी करेगा विज्ञापन 
राज्य कैबिनेट ने स्थानीय नीति में संशोधन को लागू करने के लिए पूर्व में निर्गत तमाम विज्ञापनों को तत्काल प्रभाव से रद करने का निर्देश दिया है। अब नौकरियों के लिए कर्मचारी चयन आयोग फिर से विज्ञापन जारी कर लोगों से आवेदन तलब करेगा। पूर्व में जिन गैर झारखंडी लोगों का आवेदन स्वीकृत किया गया था, उनका आवेदन अब रद होगा और उन्हें आवेदन की राशि लौटाई जाएगी। इस दौरान लगे समय के हिसाब से झारखंड के लोगों को उम्र सीमा में छूट देने का भी निर्णय लिया गया है। संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा के लिए नए सिरे से पूरी कार्रवाई की जाएगी। 
अन्य फैसले
झारखंड में राजकीय उच्च पथ, बृहद जिला पथ एवं अन्य जिला पथों के राइट ऑफ वे में तार-पाइप आदि बिछाने के लिए सरकारी विभागों को फीस नहीं देनी होगी, लेकिन अनुमति लेने की अनिवार्यता रहेगी।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की झारखंड विज्ञापन नियमावली, 2019 को स्वीकृति दी गई। इसके तहत मीडिया घरानों के निबंधन से लेकर विज्ञापन तक की नीति तैयार की गई है।
बोकारो के चास में राधानगर मौजा के तहत 3.04 एकड़ जमीन 91 लाख 13 हजार 954 रुपये के भुगतान पर भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड को देने का निर्णय।
चतरा के इटखोरी में 0.60 एकड़ भूमि 7.32 लाख रुपये के भुगतान पर एफसीआइ को देने का निर्णय।
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में 29 और पदों के सृजन का स्वीकृति दी गई।
झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड, रांची एवं बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के बीच के स्वीकृत पदों तथा दायित्वों के बंटवारे की स्वीकृति दी गई।
पुलिस मुख्यालय के लिए 116 नए वाहन की खरीद के लिए वाहन फैक्ट्री, जबलपुर से प्राप्त माइंस प्रोटेक्टेड गाड़ी की खरीद के लिए झारखंड आकस्मिकता निधि से 9 करोड़ 26 लाख अग्रिम के रूम में स्वीकृत।
हजारीबाग में केरेडारी मौजा के तरहेसा, पांडु, गोपदा, मनातू एवं डुमरी के अधीन 6.45 एकड़ भूमि 58.97 लाख के भुगतान पर केरेडारी कोयला खनन परियोजना के लिए रेलवे साइडिंग निर्माण हेतु देने का निर्णय। यह जमीन 30 वर्षों के लिए सशुल्क लीज बंदोबस्ती के तहत दी गई है।
  • झारखंड में राजकीय उच्च पथ, बृहद जिला पथ एवं अन्य जिला पथों के राइट ऑफ वे में तार-पाइप आदि बिछाने के लिए सरकारी विभागों को फीस नहीं देनी होगी, लेकिन अनुमति लेने की अनिवार्यता रहेगी।
  • सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की झारखंड विज्ञापन नियमावली, 2019 को स्वीकृति दी गई। इसके तहत मीडिया घरानों के निबंधन से लेकर विज्ञापन तक की नीति तैयार की गई है।
  • बोकारो के चास में राधानगर मौजा के तहत 3.04 एकड़ जमीन 91 लाख 13 हजार 954 रुपये के भुगतान पर भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड को देने का निर्णय।
  • चतरा के इटखोरी में 0.60 एकड़ भूमि 7.32 लाख रुपये के भुगतान पर एफसीआइ को देने का निर्णय।
  • झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में 29 और पदों के सृजन का स्वीकृति दी गई।
  • झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड, रांची एवं बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के बीच के स्वीकृत पदों तथा दायित्वों के बंटवारे की स्वीकृति दी गई।
  • पुलिस मुख्यालय के लिए 116 नए वाहन की खरीद के लिए वाहन फैक्ट्री, जबलपुर से प्राप्त माइंस प्रोटेक्टेड गाड़ी की खरीद के लिए झारखंड आकस्मिकता निधि से 9 करोड़ 26 लाख अग्रिम के रूम में स्वीकृत।
  • हजारीबाग में केरेडारी मौजा के तरहेसा, पांडु, गोपदा, मनातू एवं डुमरी के अधीन 6.45 एकड़ भूमि 58.97 लाख के भुगतान पर केरेडारी कोयला खनन परियोजना के लिए रेलवे साइडिंग निर्माण हेतु देने का निर्णय। यह जमीन 30 वर्षों के लिए सशुल्क लीज बंदोबस्ती के तहत दी गई है।

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