जम्मू कश्मीर में तैनात जवान के परिवार के साथ मारपीट, सीएम कमलनाथ ने दिए जांच के आदेश
Latest News
bookmarkBOOKMARK

जम्मू कश्मीर में तैनात जवान के परिवार के साथ मारपीट, सीएम कमलनाथ ने दिए जांच के आदेश

By Amar Ujala calender  26-Aug-2019

जम्मू कश्मीर में तैनात जवान के परिवार के साथ मारपीट, सीएम कमलनाथ ने दिए जांच के आदेश

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जम्मू- कश्मीर में तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान अमित सिंह के परिवार के साथ हुई मारपीट की जांच के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि इस जवान के परिवार के साथ हाल ही में खंडवा के हनुमंतिया बांध पर मौजूद स्टाफ़ व सुरक्षाकर्मियों द्वारा कथित तौर पर मारपीट की गई थी।अमित के भाई अतुल सिंह ने बताया कि 16 अगस्त को वह अपने परिवार सहित हनुवंतिया पर्यटन केन्द्र गए थे। उनके साथ परिवार की महिलायें और बच्चे भी थे जिनमें एक बच्चा छह माह का और एक नौ माह का है। इन बच्चों के लिये दूध की बोतल ले जाने से सुरक्षा गार्ड ने रोक दिया। इस पर कहासुनी हुई।

उन्होंने कहा कि इसके बाद सुरक्षा गार्ड ने अपने 20 से 25 साथियों को बुला लिया और पत्थर और बीयर की बोतलों से मुझ पर और मेरे भाई विपुल पर पत्थर और बीयर की बोतलों से वार किया, जिससे मेरे आंख में चोट आई है और विपुल के पैर में फ्रैक्चर हो गया है। अतुल ने बताया कि इन लोगों ने महिलाओं के साथ बदसलूकी भी की।

ट्रंप के सामने बोलें मोदी, 'कश्मीर दो देशों का मुद्दा है, किसी तीसरे की जरूरत नहीं'

अपने परिवार के लोगों के साथ मारपीट किये जाने एवं पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई न करने के व्यथित होकर जम्मू कश्मीर में तैनात जवान अमित सिंह ने फेसबुक पर पोस्ट में लिखा, ‘‘मध्य प्रदेश सरकार खंडवा जिले के हनुवंतिया टूरिस्ट कॉम्लेक्स वाले हादसे पर उनके परिजन और भाई के साथ न्याय करे और एक नया (डाकू) पान सिंह तोमर बनने के लिए मजबूर नहीं करे। मुझे बंदूक चलाने की ट्रेनिंग नहीं लेनी पड़ेगी।’’ 
कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने रविवार को बताया कि जवान अमित सिंह ने फेसबुक पर लिखी पोस्ट में मध्यप्रदेश सरकार से न्याय दिलाने मांग की थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए यह कदम उठाया है।

मुख्यमंत्री ने खंडवा ज़िला प्रशासन को निर्देश देते हुए कहा है कि जवान अमित सिंह के परिवार के साथ हुई घटना की निष्पक्ष जांच हो। किसी के साथ भी अन्याय ना हो। किसी निर्दोष पर कोई ग़लत कार्यवाही ना हो। जो भी कार्रवाई हो, निष्पक्ष जांच के बाद ही हो। 

MOLITICS SURVEY

'ओला-ऊबर के कारण ऑटो सेक्टर में मंदी' - क्या निर्मला सीतारमण के इस बयान से आप सहमत है ?

हाँ
  20.75%
नहीं
  69.81%
कुछ कह नहीं सकते
  9.43%

TOTAL RESPONSES : 53

Raise Your Voice
Raise Your Voice 

Suffering From Problem In Your Area ? Now Its Time To Raise Your Voice And Make Everyone Know