पाकिस्तान के बारे में ये बात कह कर ट्रोल हुईं लेखिका अरुंधति रॉय
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पाकिस्तान के बारे में ये बात कह कर ट्रोल हुईं लेखिका अरुंधति रॉय

By Lokmatnews calender  26-Aug-2019

पाकिस्तान के बारे में ये बात कह कर ट्रोल हुईं लेखिका अरुंधति रॉय

लेखिका अरुंधति रॉय अक्सर ही बयानों को लेकर चर्चा में रहती हैं।  अरुंधति रॉय फिर से अपने दिये एक बयान को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रही हैं। अरुंधति रॉय ने अपने हाल ही में दिये एक बयान में दावा किया है कि पाकिस्तानी सरकार कभी भी अपने देश की जनता के खिलाफ अपनी सेना का इस्तेमाल नहीं करती है। बल्कि भारत कश्मीर को लेकर ऐसा कर रहा है। इस बयान को लेकर अरुंधति रॉय की आलोचना हो रही है। ट्विटर पर #ArundhatiRoy टॉप ट्रेंड में है। 
Tarek Fatah, जो कि एक इंडियन- कैनेडियन पत्रकार हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुये लिखा है,  अरुंधति रॉय ने दावा कर रही हैं कि पाकिस्तान ने अपनी सेना का इस्तेमाल अपनी जनता के लिये कभी नहीं किया। क्या ये अंधी और बहरी हो गई हैं। क्या 1971 में पाक सेना द्वारा बांग्लादेश नरसंहार में 3M की मौत नहीं हुई थी। क्या वह बलूचिस्तान की हालता से अनजान है? वह शाब्दिक रूप से पाकिस्तान आईएसआई ब्रीफिंग नोट पढ़ रही हैं।
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एक यूजर ने लिखा है, लगता है कि पाकिस्तानी एजेंट लेखिका अरुंधति रॉय को इस्लामाबाद में अपने नये बॉस से फंड मिला है। वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा है, अरुंधति रॉय हमेशा अपनी भारत विरोधी टिप्पणियों के लिए पाकिस्तान और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया की पोस्टर गर्ल रही हैं। एक यूजर ने लिखा, सुनिए भारतीय लेखिका अरुंधति रॉय कश्मीरियों, सिखों, दलितों और अन्य आदिवासी समुदायों के खिलाफ अपने स्वयं के लोगों के खिलाफ एक शाश्वत युद्ध में भारतीय राज्य के बारे में बता रही हैं? आतंकियों पर लिखें खत को लेकर कुछ दिनों पहले चर्चा में आईं थी अरुंधति रॉय 
कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा था, जिसको लेकर दावा किया जा रहा था कि ये खत लेखिका अरुंधति रॉय ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लिखा है। जिसके बाद इस खत का जवाब भी वायरल हुआ। जिसको लेकर ये दावा किया जा रहा था कि ये खत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अरुंधति रॉय को जवाब देते हुये लिखा है। इस खत में 'नेशनल करेक्शनल सिस्टम फैसिलिटीज में पकड़े गए आतंकवादियों के साथ बर्ताव के बारे में लिखा गया था। हालांकि सोशल मीडिया पर इसको लेकर ये भी दावा किया गया था कि वायरल हो रहा ये खत फेक है। 

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