पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के निधन पर गहलोत, राजे, शेखावत और पायलट ने जताया दुख
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पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के निधन पर गहलोत, राजे, शेखावत और पायलट ने जताया दुख

By News18 calender  24-Aug-2019

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के निधन पर गहलोत, राजे, शेखावत और पायलट ने जताया दुख

पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी (BJP) के वरिष्‍ठ नेता अरुण जेटली (Arun Jaitley) के निधन पर सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot), पूर्व सीएम वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje),  केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) और डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) समेत कई नेताओं दुख जताया है.

जेटली ने देश का नाम ऊंचा किया
सीएम अशोक गहलोत ने अरुण जेटली के निधन पर ट्वीट कर दुख  जताया है. अपने ट्वीट में गहलोत ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना की व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की है. पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने कहा कि यह देश के साथ-साथ मेरे लिए अपूरणीय क्षति है. मेरा एक ऐसा भाई चला गया जो नेक दिल, ईमानदार और सभी के सुखदुख में काम आने वाला इंसान था. वित्त मंत्री के रूप में जेटली ने देश का नाम ऊंचा किया.

केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा वे मार्गदर्शक की भूमिका निभाते थे
केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि वे बीजेपी परिवार के श्रद्धेय, अग्रज और संगठन के प्रबुद्ध स्तंभ थे. आज वे हमें छोड़ कर चले गए. मन विचलित है. शेखावत ने कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है. जेटली उनके मार्गदर्शक की भूमिका निभाते थे. शेखावत जोधपुर के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिल्ली रवाना हो रहे हैं. वहीं डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने अरुण जेटली के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें बेहद दुखद हैं. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों के साथ है. पायलट ने कहा यह एक दुखद दिन है और भारत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है. राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल ने भी जेटली के निधन को अपूरणीय क्षति बताया.

आज दोपहर में हुआ निधन
पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का शनिवार को दोपहर में निधन हो गया. उन्होंने दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर अंतिम सांस ली. जेटली को कुछ दिन पहले ही सांस लेने में तकलीफ होने के कारण एम्स में भर्ती कराया गया था. पिछले कुछ दिनों से उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही थी. वे काफी समय से एक के बाद एक बीमारी से लड़ रहे थे. इसी कारण उन्‍होंने लोकसभा चुनाव- 2019 में बीजेपी को मिली प्रचंड जीत के बाद मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने का आग्रह किया था.
 

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