उन्नाव दुष्कर्म कांड : CBI के रडार पर उन्नाव के माखी गांव का बंदी रक्षक अमर सिंह
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उन्नाव दुष्कर्म कांड : CBI के रडार पर उन्नाव के माखी गांव का बंदी रक्षक अमर सिंह

By Jagran calender  17-Aug-2019

उन्नाव दुष्कर्म कांड : CBI के रडार पर उन्नाव के माखी गांव का बंदी रक्षक अमर सिंह

 उन्नाव के माखी दुष्कर्म कांड तथा रायबरेली में पीडि़ता की दुर्घटना की जांच में जुटी सीबीआइ टीम को अहम सुराग मिला है। सीतापुर जेल में आरोपित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से कौन-कौन मिलने आया तथा किसने बातचीत कराने में मदद की, इसकी पड़ताल में उन्नाव निवासी बंदीरक्षक अमर सिंह का नाम सामने आया है।
उन्नाव निवासी इस बंदीरक्षक ने सीतापुर जेल में विधायक की मोबाइल से बातचीत कराने में मदद की थी। हाईप्रोफाइल दुष्कर्म व हत्याकांड में आरोपित विधायक की सीतापुर जेल में किन-किन लोगों ने मदद की, इस पर सीबीआइ टीम काम कर रही है। पड़ताल के दौरान उन्नाव निवासी अमर सिंह के बारे में पता चला है। उसकी तैनाती लखनऊ जेल में बंदीरक्षक पद पर रही है। इसके बाद उसे सीतापुर जेल भेज दिया गया, जहां विधायक से उसके तार जुड़ गए। सूत्रों की माने तो अमर सिंह  मोबाइल के सिम बदलकर विधायक की बातचीत उनके खास लोगों से कराता था। अमर सिंह  किस तरह विधायक की मदद कर रहा था, इसे लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि सीबीआइ उसे हिरासत में लेगी तो कई अहम जानकारियां सामने आ जाएंगी।
 
एसओ माखी भेजे गए पुलिस लाइन
 
एसपी एमपी वर्मा ने दुष्कर्म पीडि़ता की सुरक्षा में खामियों को लेकर चर्चा में रहे माखी थानाध्यक्ष नारद मुनि को पुलिस लाइन भेज दिया है। उपनिरीक्षक सफीपुर राज बहादुर को माखी थानाध्यक्ष बनाया गया है। माना जा रहा है कि एसओ को पीडि़ता की सुरक्षा में लापरवाही के चलते हटाया गया है, हालांकि अधिकारी इसे रूटीन बता रहे हैं।
 
विधायक के विज्ञापन से विवादों में चेयरमैन व ईओ
आरोपित विधायक कुलदीप सिंह  सेंगर को भाजपा ने भले ही निष्कासित कर दिया हो, लेकिन यहां पर तो स्थानीय भाजपाइयों के लिए वह अभी भी माननीय ही हैं। आरोपित विधायक को इस सम्मान के साथ बड़े-बड़े अक्षरों में एक अखबार (दैनिक जागरण नहीं) के प्रथम पेज पर विज्ञापन में जगह दी गई। वह भी भाजपा के शीर्ष नेताओं की फोटो के साथ। विज्ञापन प्रकाशित कराने वाले ऊगू नगर पंचायत अध्यक्ष अनुज दीक्षित अब सफाई दे रहे हैं कि वह क्षेत्रीय विधायक हैं, इसलिए विज्ञापन में फोटो लगवाई। ईओ गिरिजेश कुमार वैश्य ने खुद को विज्ञापन की जानकारी से अनजान बताते हुए कहा कि इसके लिए न तो आरओ (रिलीज आर्डर) दिया और न ही पत्र जारी किया। उधर, भाजपा ने मामले से दूरी बना ली है। पार्टी प्रवक्ता शलभमणि त्रिपाठी ने कहा यह किसी की व्यक्तिगत पंसद हो सकती है, पार्टी का इससे कोई लेना देना नहीं है। 

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