अनुच्छेद 370 पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाली, जज बोले,' ये किस तरह की याचिका है. मुझे समझ नहीं आ रही है.'
Latest News
bookmarkBOOKMARK

अनुच्छेद 370 पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाली, जज बोले,' ये किस तरह की याचिका है. मुझे समझ नहीं आ रही है.'

By AajTak calender  16-Aug-2019

अनुच्छेद 370 पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाली, जज बोले,' ये किस तरह की याचिका है. मुझे समझ नहीं आ रही है.'

अनुच्छेद 370 को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने इस दौरान धारा 370 पर सुनवाई टाल दी. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने दोबारा याचिका दायर करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने आज दो याचिकाओं पर सुनवाई किया.  पहली याचिका में अनुच्छेद 370 हटाए जाने का विरोध किया गया. वहीं दूसरी याचिका में कश्मीर में पत्रकारों से सरकार का नियंत्रण हटाने की मांग की गई.
यह भी पढ़ें: सोनिया की वापसी से क्या होगा राहुल का भविष्य?
पहली याचिका एमएल शर्मा ने डाली है, जिसमें कहा गया है कि सरकार ने आर्टिकल 370 हटाकर मनमानी की है, उसने संसदीय रास्ता नहीं अपनाया, राष्ट्रपति का आदेश असंवैधानिक है. एमल शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजीआई ने फटकार लगाते हुए कहा कि ये किस तरह की याचिका है. मुझे नहीं समझ नहीं आ रही है. उन्होंने पूछा कि याचिकाकर्ता कैसी राहत चाहते हैं. 
 
 
दूसरी याचिका कश्मीर टाइम्स की संपादक अनुराधा भसीन ने दायर की है. इस याचिका में कहा गया है कि अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद पत्रकारों पर लगाए गए नियंत्रण खत्म किए जाएं.
इससे पहले दाखिल एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर का मामला संवेदनशील है, इस पर केंद्र सरकार को थोड़ा वक्त देना होगा.
आपको बता दें कि 5 अगस्त को मोदी सरकार ने जब ये फैसला लिया और जिस तरह दोनों सदनों से ये बिल पास हुआ, उस पर तभी से सवाल खड़े हो रहे हैं. कांग्रेस समेत विपक्ष की कुछ पार्टियों ने इस बिल और तरीके को गैरसंवैधानिक बताया है, साथ ही दावा किया है कि सुप्रीम कोर्ट में ये बिल आदेश नहीं टिकेगा. हालांकि, कुछ संविधान विशेषज्ञों ने इस फैसले को सही भी बताया है.
गौरतलब है कि अभी भी जम्मू-कश्मीर में धारा 144 लागू है, स्कूल-कॉलेज, मोबाइल इंटरनेट, मोबाइल कॉलिंग बंद है. टीवी-केबिल पर भी रोक लगी हुई है. इस बीच कई नेताओं जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला, सज्जाद लोन शामिल हैं उन्हें नज़रबंद किया गया है. इसी को लेकर कई राजनीतिक दल मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं.

MOLITICS SURVEY

अयोध्या में विवादित जगह पर क्या बनना चाहिए ??

TOTAL RESPONSES : 22

Raise Your Voice
Raise Your Voice 

Suffering From Problem In Your Area ? Now Its Time To Raise Your Voice And Make Everyone Know